Varanasi

झारखंड में बैंक लूटने वाले बदमाश वाराणसी में मिले… STF ने दबोचा गिरोह, सोना-नकदी बरामद

झारखंड हजारीबाग की बैंक लूट में शामिल तीन आरोपी गिरफ्तार, दिल्ली भागने की तैयारी में थे रेकी कर दिनदहाड़े वारदात को अंजाम देता था गिरोह, कई राज्यों में फैला नेटवर्क

विकास गोंड

वाराणसी, 2 मई 2026:

झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में 24 अप्रैल को हुई बैंक डकैती का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एसटीएफ व झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने वाराणसी से गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लूटा गया सोना, भारी नकदी, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल वाहन बरामद हुआ है।

बताया गया कि 24 अप्रैल की दोपहर करीब तीन बजे हथियारबंद बदमाश बैंक में घुसे। कर्मचारियों को कब्जे में लेकर करीब चार किलो सोने के जेवर और 4 लाख 22 हजार 492 रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद बरही थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू हुई। मामले में झारखंड पुलिस ने यूपी एसटीएफ से मदद मांगी। इसके बाद वाराणसी यूनिट के इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव और इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह की टीम ने इनपुट जुटाने शुरू किए।

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सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूचनाओं से पूर्वांचल के अपराधियों की भूमिका सामने आई। इसके बाद शुक्रवार को सारनाथ थाना क्षेत्र के सिंहपुर इलाके में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार लोगों में मो. अफजल निवासी नवादा बिहार, जो गिरोह का सरगना बताया जा रहा है, पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह निवासी गोरखपुर और सौरभ यादव उर्फ सोनू निवासी मऊ शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख रुपये नकद, छह मोबाइल फोन और एक स्कॉर्पियो वाहन मिला है। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह अलग-अलग राज्यों में बैंक और गोल्ड लोन कंपनियों को निशाना बनाता था। वारदात से पहले कई दिन तक रेकी की जाती थी। सुरक्षा कमजोर दिखने पर दिन में ही लूट को अंजाम दिया जाता था। बरही शाखा को भी इसी तरह चुना गया। घटना के दिन दो आरोपी ग्राहक बनकर अंदर गए, फिर बाकी साथी पहुंचे और कर्मचारियों को हथियार के दम पर काबू में लेकर कैश काउंटर और स्ट्रांग रूम से माल लूट लिया।

वारदात के बाद सभी आरोपी बिहार के गया पहुंचे, जहां लूट का माल बांटा गया। इसके बाद वाराणसी लौटकर दिल्ली भागने की तैयारी कर रहे थे, तभी पुलिस ने पकड़ लिया। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और बिहार समेत कई राज्यों में पहले भी बड़ी वारदातें कर चुका है। लूटे गए सोने को बेचकर रियल एस्टेट में निवेश किया जाता था। फिलहाल सभी आरोपियों को सारनाथ थाने में दाखिल कर आगे की कार्रवाई की जा रही है, जबकि मामले की जांच झारखंड पुलिस आगे बढ़ा रही है।

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