लखनऊ, 2 मई 2026:
उत्तर प्रदेश में समाज कल्याण योजनाओं की रफ्तार अब जमीन पर दिखने लगी है। शिकायतों के निस्तारण को लेकर सिस्टम पहले के मुकाबले ज्यादा तेज और जवाबदेह नजर हुआ है। आईजीआरएस पोर्टल के जरिए दर्ज होने वाली शिकायतों का समय पर समाधान होने से लोगों का भरोसा भी सिस्टम पर बढ़ा है।
समाज कल्याण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पोर्टल पर आई 9604 शिकायतों में से 8896 का निस्तारण किया जा चुका है, जो 92.6 फीसदी है। विभाग का कहना है कि यह सुधार सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि कामकाज के तरीके में बदलाव का संकेत भी है। ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन शिकायतों पर भी बराबर ध्यान दिया गया है।
पिछले दो साल में मिली 1035 ऑफलाइन शिकायतों में से 889 का समाधान किया गया है। इस तरह यहां भी करीब 85.9 फीसदी मामलों में लोगों को राहत मिली है। वृद्धावस्था पेंशन और छात्रवृत्ति से जुड़े मामलों को खास प्राथमिकता दी जा रही है। बुजुर्गों को समय पर पेंशन मिल सके और छात्रों को स्कॉलरशिप में देरी न हो, इस पर फोकस रखा गया है। आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लिए ये दोनों योजनाएं अहम सहारा बनी हुई हैं।
विभाग की सक्रियता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पिछले एक साल में 3168 जरूरतमंदों तक सीधे मदद पहुंचाई गई। वहीं पिछले चार महीनों में ही 991 लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया गया।
तकनीक के इस्तेमाल ने पूरे सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी बना दिया है। आईजीआरएस पोर्टल के जरिए लोग घर बैठे शिकायत दर्ज कर रहे हैं और उसकी स्थिति भी देख पा रहे हैं। इससे दफ्तरों के चक्कर कम हुए हैं। दूसरी तरफ, जिन इलाकों में डिजिटल पहुंच कम है, वहां ऑफलाइन शिकायतें लेकर भी समाधान किया जा रहा है।






