गोरखपुर, 21 मई 2026:
रामगढ़ताल स्थित वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में गुरुवार को 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का समापन समारोह आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम को समारोह में पहुंचे और फाइनल मुकाबले देखने के बाद विजेता खिलाड़ियों को मेडल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इस दौरान खिलाड़ियों और कोच में उत्साह देखने को मिला।

रामगढ़ताल में आज नावों की दौड़ (रोइंग) में नाविकों ने अपने चप्पू का दमखम दिखाया। चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश समेत 20 राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में 273 खिलाड़ी और पदाधिकारी शामिल हुए। कई दिनों तक चले मुकाबलों के बाद गुरुवार को फाइनल स्पर्धाएं संपन्न हुईं। बालकों की क्वाड्रपल स्कल के फाइनल में यूपी की टीम ने यह मुकाबला जीत लिया है। दूसरे स्थान पर बंगाल, तीसरे पर उड़ीसा की टीम रही। वहीं महाराष्ट्र की टीम ने गर्ल्स डबल स्केल में अंतिम मौके पर मध्य प्रदेश को पीछे छोड़कर स्वर्ण पदक जीता है। मणिपुर की टीम तीसरे स्थान पर रही है।

सीएम ने समारोह में खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि रामगढ़ताल में लगातार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं होने से प्रदेश के खिलाड़ियों को बड़ा फायदा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यहां की सुविधाओं की वजह से अब राष्ट्रीय टीमों के प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित हो रहे हैं। रामगढ़ताल अब देश में वाटर स्पोर्ट्स के बड़े केंद्र के तौर पर पहचान बना चुका है। यहां विश्वस्तरीय वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तैयार किया गया, जिसके बाद राष्ट्रीय स्तर की रोइंग प्रतियोगिताओं का सिलसिला लगातार जारी है। एशियाड 2026 की तैयारी कर रही भारतीय महिला रोइंग टीम का प्रशिक्षण शिविर भी यहां लगाया जा चुका है।
सीएम ने कहा कि युवाओं के सामर्थ्य को संजोकर ही भारत आगे बढ़ रहा है। पीएम के विजन के कारण स्पोर्ट्स ईको सिस्टम तैयार हुआ है। जिस देश का युवा अपनी शक्तियों का सकारात्मक प्रयोग करता हो वो समाज हमेशा प्रगति करता है। तेज हवा में हालात खिलाफ थे लेकिन खिलाड़ी नौका चला रहे थे। उन्होंने कोशिश करने वालों की हार नहीं होती पंक्तियों को उद्घृत किया। साथ चलो, साथ सोचो और लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एक साथ बढ़ो। यही दृश्य रोइंग में देखने को मिला।

सीएम ने कहा इस रामगढ़ताल 2017 से पहले अपराध का अड्डा था। आज यहां नेशनल कम्पटीशन हो रहा है। ये इंटरनेशनल स्पोर्ट्स हब की शक्ल ले चुका है। यहां जल क्रीड़ा से जुड़ी प्रतियोगिता के लिए असीम संभावनाएं है। वाटर स्पोर्ट्स को मजबूत करने के लिए खेल विभाग हर कदम उठाए। यूपी में 2017 से पहले खेल गतिविधियों का अभाव था। खेल नीति नहीं थी। आज हर जिले में स्टेडियम है। खेल के प्रति नया रुझान पैदा हुआ है। सरकार ने मेडल पाने वाले 534 खिलाड़ियों को नौकरी दी है। यूपी नदियों से समृद्ध है। इसलिए यहां वाटर स्पोर्ट्स की बहुत गुंजाइश है।






