लखनऊ, 1 जून 2026:
यूपी के पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किए जाने के एक दिन बाद राजीव कृष्ण ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी प्राथमिकताओं और पुलिस विभाग के आगामी रोडमैप को सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पहले की तरह जारी रहेगी और अपराधी जिस भाषा में समझेंगे, उन्हें उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।
राजीव कृष्ण ने कार्यवाहक डीजीपी के रूप में अपने एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने बताया कि महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण, पुलिस कल्याण और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रही हैं। महिला अपराधों में प्रदेश में 33 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए सभी थानों में महिला शक्ति केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि महिलाओं से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बढ़ते साइबर अपराधों को बड़ी चुनौती बताते हुए डीजीपी ने कहा कि प्रदेश में अब तक 62 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को साइबर अपराधों से निपटने की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। अब उन्हें एडवांस तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। पुलिस मुख्यालय में जल्द ही साइबर सुरक्षा के लिए एक केंद्रीय एडवांस सेंटर स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों की रोकथाम और जांच में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का भी उपयोग किया जाएगा। साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई कर अब तक करोड़ों रुपये की रकम सीज की जा चुकी है।

यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर भी पुलिस विशेष अभियान चला रही है। डीजीपी ने बताया कि प्रदेश में 573 क्रैश कंट्रोल टीमें गठित की गई थीं। इनके प्रयासों से चिन्हित क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं में 7.5 प्रतिशत और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 11.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। अब सभी थानों में ऐसी टीमें गठित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि थानों में आने वाली जन शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उनके त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान रहेगा। वहीं अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट पर रोक लगाने के लिए सोशल मीडिया की निगरानी और सख्त की जाएगी।
गाजीपुर में होटल कारोबारी के बेटे की हत्या के मामले का जिक्र करते हुए डीजीपी ने कहा कि यह बेहद गंभीर घटना है।
आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। यदि किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। चार वर्षों बाद प्रदेश को पूर्णकालिक डीजीपी मिलने के साथ ही राजीव कृष्ण ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने का स्पष्ट रोडमैप पेश कर दिया है।






