लखनऊ, 3 जून 2026:
यूपी की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत आधार देने वाले रसोइयों, शिक्षामित्रों, विशेष शिक्षकों और विद्यालयी कर्मियों के कल्याण की दिशा में प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीएम योगी की कर्मयोगी कल्याण की सोच को आगे बढ़ाते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) और पीएम पोषण योजना से जुड़े हजारों कर्मियों एवं उनके परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों, परिषद से मान्यता प्राप्त अनुदानित एवं स्ववित्तपोषित विद्यालयों, केजीबीवी में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन अनुदेशक), पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइया तथा आंगनबाड़ी परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ प्रदान किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षा और पोषण व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक कर्मी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ बिना आर्थिक बोझ के मिल सके।
योजना के प्रभावी संचालन और लाभार्थियों के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेशव्यापी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी ने इस संबंध में सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार 4 जून को दोपहर 12 बजे शिक्षा निदेशक (बेसिक) कार्यालय, लखनऊ में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के नामित अधिकारियों और जनपद स्तर के प्रतिनिधियों को योजना की जानकारी दी जाएगी जिससे पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण और सुविधा का क्रियान्वयन सुचारु रूप से किया जा सके।
प्रदेश के सभी जिलों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण में वर्चुअल माध्यम से जुड़ने की व्यवस्था भी की गई है। इसके साथ ही हर जनपद में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर उनकी प्रशिक्षण में सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का मानना है कि यह पहल शिक्षा और पोषण व्यवस्था से जुड़े कर्मियों के सामाजिक सुरक्षा कवच को मजबूत करने के साथ उनके परिवारों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का भरोसा प्रदान करेगी। इससे कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे।






