UP Politics : अखिलेश का BJP को झटका! पूर्व सांसद कश्यप बेटी संग सपा में शामिल, चुनाव आयोग पर साधा निशाना
लखनऊ में कई नेताओं ने थामा सपा का दामन, अखिलेश बोले- 97 बूथों पर बिना मुड़े बैलेट पेपर मिलने की खबर गंभीर, सरकार बनने पर यूपी में मेटल वोटर आईडी कार्ड जारी करने का किया ऐलान

लखनऊ, 27 अक्टूबर 2026:
यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) 2027 से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपना सियासी कुनबा मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। मंगलवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बरेली की आंवला सीट से भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप और उनकी बेटी कीर्ति कश्यप को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सपा का दामन थामा। वहीं, अखिलेश यादव ने विधान परिषद चुनाव में मतदान की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।
धर्मेंद्र कश्यप समेत कई नेताओं ने थामा सपा का दामन
भाजपा से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र कश्यप ने 11 अक्टूबर को लखनऊ में अपनी बेटी के साथ अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही उनके सपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं। मंगलवार को इन चर्चाओं पर विराम लग गया। धर्मेंद्र कश्यप और कीर्ति कश्यप के साथ बसपा के पूर्व प्रत्याशी सैयद आबिद अली, फहीमुद्दीन चेयरमैन, श्रावस्ती के देव प्रताप सिंह, तेज प्रताप सिंह और रंजीत गिरी गोस्वामी ने भी सपा की सदस्यता ग्रहण की।
इसके अलावा बहराइच से संतोष तिवारी और पंकज कुमार वर्मा तथा उन्नाव से सर्वेश कुमार वर्मा समेत कई नेताओं ने पार्टी में प्रवेश किया। भाजपा से आए अन्य नेताओं में आनंद साहू, डॉ. प्रमोद, विलास बाबू वाल्मीकि, अधिकार सिंह, श्याम सुंदर वाल्मीकि, सुरेश वाल्मीकि, सुरेश सूरज पाल, विजय चौहान, गुरु प्रसाद और प्रेम राठौर शामिल हैं।

97 बूथों पर बैलेट पेपर को लेकर उठाए सवाल
सपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने लखनऊ में विधान परिषद चुनाव में सपा की खंड स्नातक प्रत्याशी कांति सिंह की सीट पर मतदान को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि 97 बूथों पर बैलेट बॉक्स में बिना मुड़े हुए बैलेट पेपर मिलने की बात सामने आई है। अखिलेश ने इसे गंभीर मामला बताते हुए चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका जताई।
उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बहाने लोगों के वोट काटे जा रहे हैं। अखिलेश ने चुनाव आयोग से उत्तर प्रदेश समेत चुनाव वाले राज्यों की मतदाता सूची दुरुस्त करने की अपील की। उन्होंने आधार कार्ड और बायोमेट्रिक तकनीक के इस्तेमाल का सुझाव देते हुए कहा कि जब राशन वितरण में बायोमेट्रिक प्रणाली लागू हो सकती है तो निष्पक्ष मतदान के लिए ऐसी तकनीक पर विचार क्यों नहीं किया जा रहा?
भाजपा पर कॉर्पोरेट तरीके से चुनाव जीतने का आरोप
अखिलेश यादव ने भाजपा पर चुनाव जीतने के लिए कॉर्पोरेट कंपनियों जैसी रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और वर्ष 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में मतदाता सूची से नाम काटे जाने के मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी। सपा अध्यक्ष ने ‘प्रीपेड पार्टियों’ और दूसरे दलों के प्रभाव में काम करने वाले राजनीतिक संगठनों से भी सतर्क रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव केवल सत्ता हासिल करने का नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने का चुनाव है।
"धर्मेंद्र कश्यप जी और उनके साथियों का मैं अपनी और समाजवादी पार्टी की तरफ से बहुत बहुत स्वागत करता हूं।"
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी https://t.co/lbHjzAfiet
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) October 27, 2026
सरकार बनने पर मेटल वोटर आईडी कार्ड का वादा
अखिलेश यादव ने ऐलान किया कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर प्रदेश के नागरिकों को मेटल वोटर आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे। उन्होंने पुलिस व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। सपा अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग को अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए निष्पक्षता से काम करना होगा।






