UP में 1,710 करोड़ का निवेश करेंगी 4 बड़ी कंपनियां, नोएडा में खुलेंगे ग्लोबल क्षमता केंद्र
Yogi Cabinet ने GCC नीति के तहत हैवेल्स, अमेरिप्राइज, मेटलाइफ और एलजी सॉफ्ट के प्रस्तावों को दी मंजूरी, प्रदेश में उच्च कौशल वाले रोजगार और वैश्विक कारोबारी गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ, 27 अक्टूबर 2026:
यूपी को वैश्विक निवेश और तकनीकी सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) नीति-2024 के तहत चार बड़ी कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी करने के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में 1,709.84 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश होगा। चारों परियोजनाएं गौतम बुद्ध नगर में स्थापित की जानी हैं। इससे नोएडा में तकनीकी सेवाओं, वित्तीय परिचालन और अन्य उच्च कौशल आधारित व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हैवेल्स और एलजी सॉफ्ट करेंगी सबसे बड़ा निवेश
कैबिनेट से मंजूर प्रस्तावों में हैवेल्स इंडिया लिमिटेड सबसे आगे है। कंपनी ने 879 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इसकी परियोजना नोएडा प्राधिकरण के तहत स्थापित की जानी प्रस्तावित है। कंपनी को केस-टू-केस आधार पर प्रोत्साहन दिए जाने को मंजूरी मिली है। वहीं, एलजी सॉफ्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड 634 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसकी प्रस्तावित इकाई भी नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में स्थापित होगी। कंपनी को भी मामले के आधार पर प्रोत्साहन दिए जाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है।
इसके अलावा अमेरिप्राइज इंडिया एलएलपी ने 112.84 करोड़ रुपये और मेटलाइफ ग्लोबल ऑपरेशन्स सपोर्ट सेंटर प्राइवेट लिमिटेड ने 84 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। दोनों कंपनियों की परियोजनाएं गौतम बुद्ध नगर स्थित एम्बेसी ऑक्सीजन बिजनेस पार्क में निजी भूमि पर प्रस्तावित हैं। इन्हें जीसीसी नीति के प्रावधानों के अनुसार प्रोत्साहन दिए जाने की मंजूरी दी गई है।
वैश्विक कंपनियों को मिलेगा प्रोत्साहन
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी निवेश गंतव्य बनाने के उद्देश्य से 7 मई, 2025 को उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र नीति-2024 अधिसूचित की थी। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 7 जनवरी को जीसीसी क्रियान्वयन नियमावली-2025 भी जारी की गई।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति की 10 जुलाई को हुई बैठक में चारों कंपनियों के प्रस्तावों पर विचार किया गया था। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद उन्हें एलओसी जारी करने का रास्ता साफ हो गया है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में गौतम बुद्ध नगर में चार GCC औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (LoC) जारी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। https://t.co/f2VZZWFFMs
— Government of UP (@UPGovt) October 27, 2026
युवाओं के लिए बढ़ेंगी रोजगार की संभावनाएं
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर ऐसे केंद्र होते हैं, जहां बड़ी और बहुराष्ट्रीय कंपनियां तकनीकी विकास, अनुसंधान, वित्तीय सेवाओं, डिजिटल परिचालन और इंजीनियरिंग जैसे कार्य संचालित करती हैं। इन परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के साथ कुशल युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने और नोएडा के वैश्विक कारोबारी सेवाओं के केंद्र के रूप में उभरने की उम्मीद है।






