लखनऊ, 12 जून 2026ः
यूपी की राजधानी लखनऊ में ब्रिटिश शासन के समय के अमीनाबाद इंटर कॉलेज में पहली बार बेटियों को छात्रों के साथ पढ़ाई का अवसर मिलेगा। कॉलेज में आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कॉलेज में कक्षा छह से 12 तक की पढ़ाई होती है। इसका संचालन नगर निगम करता है। छात्राओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
वजीरगंज (मौलवीगंज) के गंगाप्रसाद मार्ग पर स्थित अमीनाबाद इंटर कॉलेज 139 साल पुराना है। यह कॉलेज लखनऊ के शैक्षिक संस्थानों में से सबसे पुराना है। इसकी स्थापना 10 अक्तूबर 1887 को ब्रिटिश काल के दौरान अमीनाबाद म्यूनिसिपल एबीबी स्कूल के नाम से की गई थी। शुरुआत में यह छोटा सा स्कूल था।

कॉलेज को हाईस्कूल की मान्यता 1913 में तत्कालीन प्रधानाचार्य बेनी प्रसाद भटनागर के कार्यकाल में मिली थी। आजादी के बाद यानी 1947 में तत्कालीन प्रधानाचार्य बैजनाथ सिंह के कार्यकाल में इंटरमीडिएट की मान्यता मिली थी। यह मान्यता माध्यमिक शिक्षा परिषद से मिली थी।
कॉलेज में प्रवेश फॉर्म काउंटर से मिल रहे हैं। प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया अगस्त तक चलेगी। कॉलेज से संबंधित सारी जानकारी www.aminabadintercollege.org पर मिल जाएगी। यहां कला, वाणिज्य, विज्ञान और व्यावसायिक वर्ग की पढ़ाई होती है। मौजूदा समय में कॉलेज में 15 महिला शिक्षिकाएं हैं। छाक्षाओं की सुरक्षा के लिए इसी सत्र से 128 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

अमीनाबाद इंटर कॉलेज में योगाभ्यास के साथ-साथ क्रिकेट, बैडमिंटन, शतरंज, टेबल टेनिश, बास्केटबॉल और जिम की सुविधा है। इसमें पुस्तकालय की भी व्यवस्था है। यही नहीं विज्ञान विषय की सुविधाओं से लैस प्रयोगशाला है। इसके अलावा कंप्यूटर की तीन एसी प्रयोगशालाएं हैं। कॉलेज में स्मार्ट क्लास के लिए स्मार्ट बोर्ड की व्यवस्था की गई है। इस कॉलेज में कई नामी गिरामी कलाकारों ने पढ़ाई की और बुलंदियों तक पहुंचे। संगीतकार नौशाद अली और गजल सम्राट तलत महमूद यहीं से पढ़ कर निकले।






