
लखनऊ/अमरोहा, 24 सितंबर 2026:
यूपी के अमरोहा में खाकी और केंद्रीय सुरक्षा बल से जुड़े चार कर्मियों पर हरियाणा की युवती से सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगा है। मामला हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के झूलपुरी स्थित एक विधायक से जुड़े फार्म हाउस का है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर हसनपुर कोतवाली में तैनात दरोगा और सिपाही के अलावा सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी ने दोनों स्थानीय पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
पुलिस के अनुसार पीड़िता हरियाणा के फतेहाबाद जिले की रहने वाली है। एक निजी कंपनी में नौकरी करती है। एक महिला परिचित ने उसकी मुलाकात सीआरपीएफ में तैनात हेड कांस्टेबल मोहित से कराई थी। युवती के मुताबिक 21 सितंबर को वह सोनीपत में मोहित से मिली। मोहित ने घूमने का प्रस्ताव दिया जिसके बाद वह उसकी कार में बैठ गई। दोनों सोनीपत से मेरठ पहुंचे। यहां सीआरपीएफ से जुड़े लालाराम यादव भी कार में सवार हो गया।
पुलिस के मुताबिक 22 सितंबर की शाम दोनों युवती को लेकर हसनपुर पहुंचे। रास्ते में हसनपुर कोतवाली के गेट के पास सादे कपड़ों में मौजूद दरोगा संजय तोमर भी कार में सवार हो गया। इसके बाद सभी झूलपुरी स्थित फार्म हाउस पहुंचे और वहां कमरे लिए गए। कुछ देर बाद हसनपुर कोतवाली में तैनात सिपाही प्रमोद कुमार खाना और शराब लेकर फार्म हाउस पहुंचा।
पीड़िता का आरोप है कि रात में खाना-पीना होने के बाद मोहित, लालाराम यादव और संजय तोमर जबरन उसके कमरे में घुस गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद प्रमोद कुमार भी कमरे में पहुंचा। युवती ने विरोध करते हुए उसे धक्का देकर बाहर कर दिया और कमरे को अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद उसने पुलिस को फोन कर मदद मांगी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में मोहित दिल्ली स्थित सीआरपीएफ की पांचवीं बटालियन में हेड कांस्टेबल है, जबकि लालाराम यादव असम में सीआरपीएफ की 156वीं बटालियन में इंस्पेक्टर है। दरोगा संजय तोमर बागपत और सिपाही प्रमोद कुमार मुजफ्फरनगर का रहने वाला बताया गया है। अन्य आरोपी भी मुजफ्फरनगर और अलवर, राजस्थान से जुड़े हैं। वारदात में इस्तेमाल कार को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
यह फार्म हाउस उत्तराखंड की खानपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, फार्म हाउस के वास्तविक मालिकाना हक और विधायक से इसके सीधे संबंध की स्थिति पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। मामले में दोनों स्थानीय पुलिसकर्मियों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई भी करने की बात कही गई है। सीआरपीएफ कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेजी गई है।






