Ayodhya कोर्ट का आदेश : राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के ‘रीक्रिएशन’ पर राहुल गांधी, अवधेश समेत 3 सांसदों की बढ़ीं मुश्किलें!
सनातन धर्म के अपमान और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में परिवाद दर्ज करने का निर्देश, हिंदू महासभा के मनीष पांडेय को 2 नवंबर को बयान के लिए बुलाया

अनिल निषाद
अयोध्या, 10 अक्टूबर 2026:
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना का कथित तौर पर नाटकीय प्रदर्शन करने और सनातन धर्म का अपमान करने के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, फैजाबाद के सांसद अवधेश प्रसाद और बिहार के सांसद पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अयोध्या की एमपी/एमएलए कोर्ट ने तीनों के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत के इस कदम के बाद मामला न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गया है।
यह आदेश मजिस्ट्रेट स्वर्णमाला सिंह की अदालत ने हिंदू महासभा के मनीष पांडेय की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद दिया। परिवादी ने तीनों नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया था कि बीती 31 जुलाई को संसद भवन के बाहर भगवा वस्त्र पहनकर राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना को रीक्रिएट किया गया। इस कथित घटनाक्रम को लेकर धार्मिक भावनाएं आहत होने और सनातन धर्म की मान्यताओं का अपमान किए जाने का आरोप लगाया गया है।
धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि साधु का भेष धारण कर दानपात्र से धनराशि चोरी करने का नाटक किया गया। परिवादी का कहना है कि इस तरह धार्मिक प्रतीकों और साधु-संतों की वेशभूषा का इस्तेमाल कर सनातन धर्म के प्रति अपमानजनक संदेश देने का प्रयास किया गया।
याचिका में यह भी आशंका जताई गई कि ऐसी गतिविधियों से हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने के साथ सामाजिक सौहार्द पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। मनीष पांडेय ने इन्हीं आरोपों के आधार पर अदालत से संबंधित नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई थी। अदालत ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है।
2 नवंबर को दर्ज होंगे परिवादी के बयान
अदालत ने परिवादी मनीष पांडेय को आगामी 2 नवंबर को बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है। अब निर्धारित तारीख पर उनके बयान दर्ज किए जाने के बाद मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया बढ़ेगी। मामले में आरोपों की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के दौरान स्पष्ट होगी।






