
बाराबंकी, 13 अगस्त 2026:
बाराबंकी के सतरिख स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में गुरुवार सुबह भीषण उमस और गर्मी के बीच प्रार्थना सभा के दौरान करीब डेढ़ दर्जन छात्राएं अचानक बेहोश हो गईं। एक के बाद एक छात्राओं की तबीयत बिगड़ने से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षकों ने तुरंत छात्राओं को संभाला और इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सतरिख भेजा।

प्रार्थना के दौरान बिगड़ी छात्राओं की हालत
जीजीआईसी सतरिख में दूरदराज गांव व कस्बे से भी तमाम छात्राएं पढ़ने आती हैं। आज भी कुछ पैदल कुछ साइकिल व अन्य वाहनों से तय समय पर कॉलेज आ गईं। सुबह सभी छात्राएं प्रार्थना के लिए लाइन में खड़ी थीं। इसी दौरान तेज उमस और गर्मी की वजह से कई छात्राओं को चक्कर आने लगे। देखते ही देखते करीब 18 छात्राएं बेहोश होकर गिर पड़ीं। घटना के बाद स्कूल प्रशासन ने बिना देर किए एंबुलेंस और दूसरे साधनों से सभी छात्राओं को सीएचसी सतरिख पहुंचाया।
अस्पताल में इलाज जारी
सीएचसी सतरिख में सभी छात्राओं का इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद छात्राओं को निगरानी में रखा । शुरुआती तौर पर गर्मी और उमस को उनकी तबीयत बिगड़ने की वजह माना जा रहा है। जानकारी मिलते ही एसडीएम गुंजिता अग्रवाल, शिक्षा विभाग के अधिकारी और स्थानीय प्रशासन की टीम स्कूल पहुंची। अधिकारियों ने स्कूल प्रशासन से पूरे मामले की जानकारी ली और छात्राओं के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। एसडीएम ने कहा कि फिलहाल कॉलेज बंद करवा दिया गया है। आगे का निर्णय डीएम लेंगे। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को खाली पेट कत्तई बाहर न निकलने दें।

इन छात्राओं की तबीयत बिगड़ी
जिन छात्राओं की तबीयत बिगड़ी उनमें रोहिला अंसारी (15 वर्ष), तेजस्विनी विश्वकर्मा, लायबा, लक्ष्मी (16 वर्ष), ज्योति, अंशी, निधि (14 वर्ष), महक, पारूल (17 वर्ष), प्रीति (18 वर्ष), अनुष्का (16 वर्ष), कुमकुम (17 वर्ष), दिव्यांशी (16 वर्ष), उन्नति (17 वर्ष), महक (17 वर्ष), सुभी (16 वर्ष), निधि (16 वर्ष) और काजल (16 वर्ष) शामिल हैं।
इनमें ज्यादातर छात्राएं इंटर फर्स्ट ईयर की हैं।

जून की तरह तप रहा अगस्त
बता दें कि इधर कुछ दिनों से बारिश का दौर थमने के बाद बेचैन करने वाली उमस हो रही है। आज भी अधिकतम तापमान 33 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। वहीं ह्यूमिडिटी लगभग 58 प्रतिशत बताई गई। ये दोनों आंकड़े हर उम्र के लोगों को बेचैन कर देने के लिए काफी हैं। फिलहाल मौसम का हाल तपते जून की तरह है बस लू का खतरा नहीं है लेकिन हालात उससे भी बदतर हो गए है।






