
बाराबंकी, 17 अगस्त 2026:
यूपी के बाराबंकी जिले में घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सूरतगंज ब्लॉक के हेतमापुर इलाके में नदी का पानी कई गांवों के निचले हिस्सों तक पहुंच चुका है। सुंदरनगर, कोड़री, ललपुरवा, बाबापुरवा, बलईपुर, सकतापुर, कोयली पुरवा, मदरहा, बेलाहरी समेत कई गांवों में लोग बाढ़ को लेकर सतर्क हैं।

सुंदरनगर में घर छोड़कर बांध पर पहुंचे ग्रामीण
बता दें कि सोमवार को एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 के पास 106.460 पर दर्ज किया गया। ये खतरे के निशान से 39 सेमी. ऊपर बताया गया। इसी वजह से पानी चादर की तरह फैल रहा है। सूरतगंज ब्लॉक के सुंदरनगर में कई घरों में पानी घुसने के बाद परिवार जरूरी सामान लेकर सुरक्षित जगहों की ओर निकलने लगे हैं। कुछ परिवार बच्चों, बुजुर्गों के साथ मवेशियों को लेकर बांध पर पहुंच गए हैं। यहां ग्रामीणों ने अस्थायी तौर पर डेरा डाल लिया है।
रात में पानी बढ़ने की सबसे ज्यादा चिंता
ग्रामीणों को रात में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की चिंता सता रही है। लोगों का कहना है कि अंधेरे में अचानक पानी बढ़ने पर बच्चों, बुजुर्गों समेत मवेशियों को सुरक्षित जगह तक पहुंचाना मुश्किल होगा। इसी वजह से कई परिवार जरूरी सामान पहले ही घरों से निकालकर ऊंचे स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।
खेतों में पानी भरने से फसल पर संकट
घाघरा का पानी अब खेतों तक भी पहुंच रहा है। कई जगह फसल वाले खेत जलमग्न हो गए हैं। किसानों को आशंका है कि पानी लंबे समय तक जमा रहा तो फसल खराब हो सकती है। पशुपालकों के सामने मवेशियों के लिए सूखे चारे, पीने के पानी की व्यवस्था की चुनौती भी खड़ी हो गई है।
बांध पर पहुंचे परिवार मवेशियों को लेकर भी चिंतित
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति में परिवार के साथ मवेशियों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। कई लोग अपने पशुओं को भी बांध पर ले आए हैं। ग्रामीणों ने प्रभावित इलाकों में पशुओं के लिए चारा, पानी समेत सुरक्षित जगह उपलब्ध कराने की मांग की है।
मोहम्मदपुर में कच्ची दीवार गिरी, वृद्धा की मौत
उधर, देवा क्षेत्र के मोहम्मदपुर मजरे मलूकपुर गांव में सोमवार सुबह कच्ची दीवार गिरने से 65 वर्षीय राजेश्वरी की मौत हो गई। हादसे के समय वह घर के पास बने पुराने कच्चे मकान में टंगी धोती उतारने गई थीं। इसी दौरान दीवार अचानक भरभराकर उनके ऊपर गिर गई।

मलबे से निकालकर अस्पताल ले गए परिजन
दीवार गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर राजेश्वरी को बाहर निकाला। परिजन उन्हें एंबुलेंस से सीएचसी देवा ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। राजेश्वरी के परिवार में तीन बेटियां हैं, जिनमें एक बेटी अविवाहित है।






