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BCCI विश्व का सबसे अमीर बोर्ड, 2023-24 में कर डाली 9 हजार करोड़ की कमाई!

मुंबई, 19 जुलाई 2025

विश्व के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड कहे जाने वाले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक बार फिर से साबित कर दिया है, कि यह केवल दावा नहीं है बल्कि BCCI सच में विश्व के सबसे अमीर बोर्डों में से है। दरअसल बीते साल भारतीय क्रिकेट संस्था ने 2023-24 में क्रिकेट राजस्व से 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। जी हां.. वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 9,741.7 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जिसका बड़ा हिस्सा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से आया, जो भारतीय क्रिकेट बोर्ड का सोने का अंडा देने वाला करोड़ों डॉलर का टूर्नामेंट है।

इसका मतलब यह है कि बीसीसीआई की कुल आय में से 59% या 5,761 करोड़ रुपये अकेले आईपीएल से आए हैं। इससे एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि आईपीएल का भारतीय क्रिकेट पर जादुई प्रभाव पड़ रहा है, लीग के मीडिया अधिकार लगातार बढ़ रहे हैं, तथा विविध भौगोलिक क्षेत्रों से दर्शकों की संख्या भी बढ़ रही है।

बीसीसीआई को भारी मात्रा में राजस्व प्रदान करने के अलावा, आईपीएल उभरते हुए युवा खिलाड़ियों और घरेलू क्रिकेट से चयनित न होने वाले खिलाड़ियों को भी समान अवसर प्रदान करता है। आईपीएल की अपार सफलता दर के कारण, विश्व क्रिकेट में सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड के रूप में बीसीसीआई की स्थिति बरकरार है।

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रेडिफ्यूजन की रिपोर्ट में कहा गया है कि बीसीसीआई की राजस्व वृद्धि में प्रशंसक सबसे आगे हैं, लेकिन बोर्ड ने प्रायोजन और प्रसारण दोनों के क्षेत्र में सौदों के चयन में असाधारण बुद्धिमत्ता दिखाई है, जबकि देश भर में खेल को बढ़ावा दिया है और सभी स्तरों पर उत्कृष्टता सुनिश्चित की है।

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आईपीएल भारत में क्रिकेट के विकास का इंजन रहा है, लेकिन बीसीसीआई की कमाई एकतरफा नहीं है। इसने गैर-आईपीएल आयोजनों के मीडिया अधिकारों से 361 करोड़ रुपये कमाए हैं, जिनमें टीम इंडिया सीरीज़ के अधिकार भी शामिल हैं। वर्तमान में, भारतीय टीम के मैचों के अधिकार वायकॉम18 के पास हैं, जबकि डिज्नी स्टार और वायकॉम18 ने 2023-2027 के लिए आईपीएल अधिकार हासिल कर लिए हैं।

इसके अलावा, बीसीसीआई में रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी या सीके नायडू ट्रॉफी जैसे पारंपरिक प्रारूपों का व्यवसायीकरण करने की अपार क्षमता है। इससे गैर-आईपीएल राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, बोर्ड के पास लगभग 30,000 करोड़ रुपये की जमा राशि है। इससे अकेले उसे प्रति वर्ष लगभग 1,000 करोड़ रुपये का ब्याज मिलता है।

रेडिफ्यूजन के प्रमुख संदीप गोयल ने कहा, “ये राजस्व न केवल टिकाऊ हैं। इनमें बढ़ते प्रायोजन, मीडिया सौदे और मैच-डे की कमाई भी शामिल है। इनमें सालाना 10 से 12 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है।”

विभिन्न राजस्व स्रोतों से बीसीसीआई की कमाई ने विश्व क्रिकेट में उसकी स्थिति को मज़बूत किया है। हालाँकि घरेलू क्रिकेट से उसकी आय बहुत कम है, फिर भी बीसीसीआई इसे बढ़ाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर अन्य लीगों में हिस्सेदारी लेने पर विचार कर सकता है।

 

 

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