
अयोध्या/लखनऊ, 8 सितंबर 2026:
रामनगरी अयोध्या से सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश की करीब 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए चार बड़ी घोषणाएं कीं। पोषण माह शुरू होने से ठीक पहले आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 8 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिमाह करने का ऐलान किया। इसके साथ ही कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और उनके परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
अयोध्या धाम में आयोजित समारोह में करीब 12 हजार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं मौजूद रहीं। प्रदेश के सभी 75 जिलों में भी कार्यक्रम से जनप्रतिनिधि और आंगनबाड़ी कर्मी जुड़े। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बढ़े हुए मानदेय के चेक बांटे, नव नियुक्त कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र दिए और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया।
सहायिकाओं का मानदेय 4 हजार से बढ़कर हुआ 6 हजार रुपये
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में प्रदेश में सरकार बनने के समय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को महज 3 हजार रुपये मानदेय मिलता था। सरकार ने इसे प्रदर्शन आधारित व्यवस्था से जोड़ते हुए 8 हजार रुपये किया और अब इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया जा रहा है। इसी तरह सहायिकाओं का मानदेय 1,500 रुपये से बढ़ाकर पहले 4 हजार और अब 6 हजार रुपये किया जा रहा है। योगी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर गांव-गांव स्क्रीनिंग, दस्तक अभियान और संक्रमित लोगों की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
परिवार समेत 5 लाख तक कैशलेस इलाज
आंगनबाड़ी कर्मियों की लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य सुरक्षा की मांग को भी सरकार ने पूरा करने का ऐलान किया। अब कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और उनके परिवारों को हर वर्ष 5 लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक इसका लाभ इम्पैनल्ड अस्पतालों के अलावा सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में भी लिया जा सकेगा। हाल ही में प्रदेश के करीब 15 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को यह सुविधा दिए जाने के बाद अब आंगनबाड़ी कर्मियों को भी इसके दायरे में लाया जा रहा है।

दो साड़ियों से बढ़कर अब तीन, 20 करोड़ का अतिरिक्त भार
सरकार ने आंगनबाड़ी कर्मियों की ड्रेस से जुड़ी व्यवस्था में भी बदलाव किया है। अब तक मिलने वाली दो साड़ियों के स्थान पर उन्हें एक अतिरिक्त साड़ी मिलेगी। इसके लिए प्रति साड़ी 500 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। सरकार पर इससे करीब 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। इस बीच 2,51,162 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए साड़ी की राशि डीबीटी के जरिए सीधे खातों में भेजी गई। इसके लिए कुल 29.11 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।
अब आंगनबाड़ी केंद्र होंगे ‘स्मार्ट’, हाथ में होगा स्मार्टफोन
योगी सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को तकनीक से जोड़ने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में 1.28 लाख स्मार्टफोन उपलब्ध कराए गए हैं। इनसे योजनाओं से संबंधित डेटा रियल टाइम में दर्ज किया जा सकेगा। सरकार का दावा है कि डिजिटल व्यवस्था से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का काम आसान होगा और योजनाओं की निगरानी भी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।

70 हजार केंद्रों का कायाकल्प, हर केंद्र को अपना भवन देने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित स्वरूप दिया गया है। अब सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को अपना भवन उपलब्ध कराना है। इसके लिए राज्य वित्त आयोग की धनराशि अथवा अलग बजट से भवनों का निर्माण कराया जाएगा। योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका को बच्चों के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में उनकी तुलना माता यशोदा से की थी। उनके मुताबिक मां के बाद छोटे बच्चों का पहला संवाद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं से होता है।
पहले पोषाहार पर माफिया का कब्जा था- योगी का विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर हालत में थे और बच्चों के पोषाहार पर माफिया का शिकंजा था। योगी ने कहा कि बच्चों का पोषाहार एक शराब माफिया संचालित करता था, जबकि बदनामी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को झेलनी पड़ती थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने पोषाहार व्यवस्था को माफिया से मुक्त किया है और अब 204 स्थानों पर टेक होम राशन प्लांट महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिए संचालित हो रहे हैं।
आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को जो मानदेय पहले ₹3,000 प्रतिमाह मिलता था, उसे ₹8,000 प्रतिमाह बढ़ाया गया था…
हम उसको बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह करने जा रहे हैं… pic.twitter.com/nl41qBoq3u
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 8, 2026
अयोध्या के विकास को लेकर सपा-कांग्रेस पर भी निशाना
अयोध्या के विकास का जिक्र करते हुए योगी ने सपा और कांग्रेस पर राम मंदिर और अयोध्या के विकास का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले अयोध्या में पर्याप्त बिजली, सड़क और सुविधाएं नहीं थीं, जबकि आज फोरलेन सड़कें, भव्य रेलवे स्टेशन और महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं हैं। राम की पैड़ी का कायाकल्प हुआ और अयोध्या सोलर सिटी बनी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोध के बावजूद न राम मंदिर आंदोलन रुका और न अयोध्या का विकास। आज रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हैं और देश-दुनिया के लोग अयोध्या में आए बदलाव को देख रहे हैं।
एवरेस्ट बेस कैंप अभियान में शामिल बेटियों भी सम्मानित
कार्यक्रम में उत्कृष्ट आंगनबाड़ी केंद्रों, सामान्य पोषण स्थिति में आए बच्चों और उनके अभिभावकों तथा एवरेस्ट बेस कैंप अभियान में शामिल बेटियों को भी सम्मानित किया गया। इसके साथ ही ‘नवीन टेक होम राशन’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। समारोह में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।






