
लखनऊ, 8 सितंबर 2026:
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ता दिख रहा है। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था, भेदभाव रहित पीएलआई योजना लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के नेतृत्व में बैंककर्मियों ने मंगलवार को काला बैज लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने साफ कर दिया कि अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं बल्कि मांगों पर ठोस कार्रवाई चाहिए।
यूनाइटेड फोरम के वरिष्ठ नेताओं वाईके अरोड़ा, दिनेश कुमार सिंह, एसके संगतानी, लक्ष्मण सिंह, वीके माथुर, संदीप सिंह, अशोक अग्रवाल और सचिन केशरवानी ने कहा कि बैंककर्मी अपनी चिर लंबित और जायज मांगों के समाधान के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना था कि जब तक सरकार मांगों को पूरा नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जा रहा है। इसके तहत बैंककर्मी 27 अगस्त को देशव्यापी प्रदर्शन, 30 अगस्त को एक्स (ट्विटर) अभियान और 3 सितंबर को पोस्टर अभियान चला चुके हैं। मंगलवार का काला बैज प्रदर्शन इसी आंदोलन की अगली कड़ी रहा।

अब बैंककर्मियों की नजर 11 सितंबर पर है। फोरम के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी के मुताबिक उस दिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारी एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। लखनऊ में सुबह 11 बजे हजरतगंज स्थित इंडियन बैंक शाखा परिसर में बैंककर्मी एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगे और सभा के जरिए अपनी मांगों की आवाज बुलंद करेंगे। आंदोलन के इस अगले चरण से बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका के बीच सरकार पर भी बैंककर्मियों की मांगों के समाधान का दबाव बढ़ गया है।






