लखनऊ, 31 मई 2026:
यूपी में लगातार हो रही हत्या और अन्य गंभीर घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक में बेहद कड़ा रुख अपनाया। राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में हुईं सनसनीखेज घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी और साफ कहा कि यदि कोई अधिकारी अपना जिला नहीं संभाल पा रहा है तो वह बता दे लेकिन लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री की नाराजगी का सबसे बड़ा असर लखनऊ पुलिस पर दिखाई दिया। भाजपा के युवा नेता एवं बिल्डर शिवम सिंह हत्याकांड पर मुख्यमंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया। इसके बाद कमिश्नरेट में तत्काल प्रशासनिक फेरबदल कर दिया गया। एसीपी विभूतिखंड विनय द्विवेदी को हटाकर ट्रैफिक विभाग भेज दिया गया, जबकि उनकी जगह सौम्या पांडेय को विभूतिखंड सर्किल की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्हें सोशल मीडिया सेल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

वहीं विभूतिखंड थाना प्रभारी अमर सिंह को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। उनकी जगह उपेंद्र सिंह को नया प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। गोमतीनगर विस्तार के इंस्पेक्टर सुधीर कुमार अवस्थी को भी लाइन हाजिर कर दिया गया, जबकि गौरव बाजपेयी को थाने की कमान सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में वाराणसी, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और लखनऊ के पुलिस कमिश्नरों के साथ जौनपुर, पीलीभीत, बागपत और गाजीपुर के अफसरों को भी फटकार लगाई। गाजियाबाद में हाल में हुई दो हत्याओं का तत्काल खुलासा करने के निर्देश देते हुए उन्होंने हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी में ढिलाई पर वरिष्ठ अधिकारियों से जवाब-तलब किया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वाराणसी के सारनाथ में युवक की पिटाई से हुई मौत, मनीष सिंह हत्याकांड, गाजियाबाद में किशोर सूर्या चौहान की हत्या, पीलीभीत में कपड़ा व्यापारी पंकज गुप्ता हत्याकांड, जौनपुर में दूल्हे आजाद की हत्या, बागपत में दोहरे हत्याकांड और गाजीपुर में विनित राय की हत्या जैसी घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की। गौतमबुद्धनगर में बढ़ते अपराधों और हाल में किन्नर की हत्या की घटना पर भी उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी।

मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरने के बाद पुलिस अधिकारियों की बयानबाजी पर भी नाराजगी जताई। साथ ही जिन जिलों में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिशें हुई थीं, वहां के अधिकारियों को कार्यशैली में बदलाव लाने की नसीहत दी।
डीजीपी राजीव कृष्ण की मौजूदगी में हुई इस हाईलेवल बैठक में मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री के सख्त तेवरों के बाद कई जिलों में पुलिस अधिकारियों ने अपराध नियंत्रण और अपराधियों पर कार्रवाई तेज कर दी है। बैठक में कमिश्नरेट, जोन, रेंज और जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।






