
बहराइच/श्रावस्ती, 21 जुलाई 2026:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बहराइच और श्रावस्ती को 748 करोड़ रुपये से अधिक की 153 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने दोनों जिलों में कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, ऋण के प्रतीकात्मक चेक, आवास की चाबी, टूल किट और आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए।
दोनों जनसभाओं में उमड़ी भारी भीड़
मुख्यमंत्री सबसे पहले बहराइच के तेजवापुर स्थित रामलीला मैदान पहुंचे। यहां महसी और नानपारा विधानसभा क्षेत्रों के लिए 352 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके बाद वह श्रावस्ती के इकौना स्थित सीताद्वार पहुंचे, जहां श्रावस्ती और भिनगा विधानसभा क्षेत्रों के लिए 396 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 83 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
उन्होंने गाजी के नाम पर मेले लगवाए, महाराजा सुहेलदेव को हमने सम्मान दिया
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना में बहराइच की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बहराइच केवल आकांक्षी जिला बनकर रह गया था। उस समय वन माफिया, भू-माफिया और बालू माफिया लोगों का शोषण करते थे और जिले की पहचान लगातार कमजोर होती जा रही थी। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव के शौर्य को जानने वाला हर भारतीय उस स्थिति से चिंतित था, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को केवल अपने राजनीतिक परिवार की चिंता थी।

आक्रांता के नाम पर कोई मेला अब नहीं लगेगा
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने महाराजा सुहेलदेव को कभी वह सम्मान नहीं दिया जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा कि इन दलों ने विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी के नाम पर मेले आयोजित कराए, जबकि सुहेलदेव की विरासत की उपेक्षा की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने किसी भी विदेशी आक्रांता के नाम पर मेला नहीं लगने दिया और आगे भी ऐसा कोई आयोजन न हो, इसकी व्यवस्था की जा रही है।
रात को सजने वाली महफिल में होता था योजनाओं का बंटाधार
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर हमला तेज करते हुए कहा कि 2017 से पहले की सरकार में व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। उन्होंने कहा, उस समय बबुआ 12 बजे सोकर उठते थे। दो बजे तैयार होते थे। फिर चच्चू से पूछते थे कि क्या होना है, क्या करना है। चच्चू उन्हें समझाते थे, लेकिन उन्हें कुछ समझ नहीं आता था। फिर शाम पांच बजे जिम जाने का समय हो जाता था और रात में महफिल सजती थी। सारी योजनाओं का वहीं बंटाधार हो जाता था।
बहराइच अब रुकने वाला नहीं, गौरव के पथ पर बढ़ रहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो काम कांग्रेस और समाजवादी पार्टी नहीं कर सकीं, वह उनकी सरकार ने किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को गाजी मियां का मेला लगाने और कब्रिस्तान बनवाने से ही फुर्सत नहीं थी। उन्होंने कहा कि सालार मसूद गाजी को युद्ध में महाराजा सुहेलदेव ने पराजित किया था और आज उसी सुहेलदेव के नाम पर भव्य स्मारक बनाया गया है। बहराइच अब अपने गौरव के साथ आगे बढ़ रहा है। जिले में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर मेडिकल कॉलेज स्थापित किया गया है और बालार्क ऋषि के नाम पर अस्पताल बनाया गया है। बाराबंकी से बहराइच तक फोर लेन सड़क परियोजना को मंजूरी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में बहराइच देश में दूसरे स्थान पर और शिक्षा के क्षेत्र में चौथे स्थान पर पहुंचा है। कस्तूरबा गांधी विद्यालयों को इंटरमीडिएट तक अपग्रेड किया गया है। साथ ही भरतपुरा में विस्थापित दलित और वंचित समाज के 500 परिवारों के लिए नई कॉलोनी विकसित की गई है।

सैफई खानदान में भरे थे महाभारत के पात्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले किसान आत्महत्या करने को मजबूर था। न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी। सड़कें खराब थीं, बिजली पर्याप्त नहीं थी और गरीबों को समय पर राशन भी नहीं मिलता था। त्योहारों के दौरान उपद्रव होते थे। उन्होंने कहा कि उस समय भी विकास के लिए धन आता था, लेकिन वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था। सैफई खानदान की नीयत ठीक नहीं थी। सारे महाभारत के पात्र लूटखसोट में लगे थे। आज सरकार किसी व्यक्ति का चेहरा या जाति देखकर काम नहीं करती। सरकार बिना तुष्टिकरण के सुशासन के सिद्धांत पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों की जगह या तो जेल है या फिर जहन्नुम।
प्रदेश में अब उपद्रव नहीं उत्सव का माहौल
मुख्यमंत्री ने बहराइच को भगवान श्रीराम के पुत्र की कर्मभूमि बताते हुए कहा कि उन्होंने श्रावस्ती को अपनी राजधानी बनाया था। उन्होंने कहा कि यह महाराजा सुहेलदेव और बालार्क ऋषि की भी कर्मभूमि है। प्रदेश में अब उपद्रव नहीं बल्कि उत्सव का माहौल है। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के लोग दूसरे राज्यों में अपनी पहचान छिपाते थे, जबकि आज अयोध्या, बहराइच या उत्तर प्रदेश का नाम लेने पर लोगों को सम्मान मिलता है।

वन्यजीवों से सुरक्षा का भरोसा दिया
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने वन्यजीवों के बढ़ते हमलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने माफिया और मच्छरों पर काफी हद तक नियंत्रण कर लिया है, लेकिन मगरमच्छ और तेंदुए के हमलों में अभी भी लोगों की जान जा रही है। उन्होंने प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और जिन घरों में दरवाजे नहीं हैं वहां दरवाजे लगवाने के निर्देश दिए। साथ ही जनप्रतिनिधियों से लोगों को जागरूक करने की अपील करते हुए कहा कि अनावश्यक रूप से वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाए बिना मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।






