हरेंद्र धर दुबे
गोरखपुर, 14 अप्रैल 2026:
पूर्वी उत्तर प्रदेश को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। गोरखपुर स्थित महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में बने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन कल बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। कार्यक्रम में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की मौजूदगी भी रहेगी।
करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस टाटा कंसल्टेंसी सर्विस के सहयोग से विकसित हुआ है। इसे आधुनिक तकनीक के मुताबिक डिजाइन किया गया है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, स्पेस टेक्नोलॉजी और थ्री डी प्रिंटिंग जैसे क्षेत्रों में एकीकृत पढ़ाई होगी।
इस प्रोजेक्ट में अलग-अलग सेक्टर पर खास निवेश किया गया है। ढांचा निर्माण पर 19.35 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि एआई सेंटर, साइबर सिक्योरिटी, ड्रोन और थ्री डी प्रिंटिंग जैसी लैब्स पर भी करोड़ों रुपये लगाए गए हैं। यहां अत्याधुनिक लैब्स तैयार की गई हैं, जहां छात्र सीधे प्रैक्टिकल सीख सकेंगे।
संस्थान के निदेशक सुधीर अग्रवाल के मुताबिक, यह सेंटर केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा। यहां स्किल डेवलपमेंट पर फोकस होगा, जिससे छात्रों में नवाचार की सोच विकसित होगी और स्टार्टअप को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के मौके भी बढ़ने की उम्मीद है।
इस सेंटर का फायदा सिर्फ एमपीआईटी के छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा। पूर्वांचल के 15 एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त तकनीकी संस्थानों के छात्र भी यहां ट्रेनिंग ले सकेंगे। इनमें मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय समेत कई पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेज शामिल हैं।
उद्घाटन के साथ ही 60 दिन का एआई अवेयरनेस फॉर ऑल वर्कशॉप भी शुरू होगा। इसमें एआई की बेसिक समझ, जनरेटिव टूल्स, साइबर सेफ्टी, फ्रॉड से बचाव, पासवर्ड और ओटीपी सुरक्षा जैसे विषय शामिल किए गए हैं। साथ ही किसानों के लिए अलग से वर्कशॉप रखी गई है, जिसमें डिजिटल खेती, मौसम आधारित योजना और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के तरीके सिखाए जाएंगे।






