Uttarakhand

विशेष बच्चों की पढ़ाई होगी और आसान, धामी ने किया समावेशी शिक्षा मिशन का आगाज

निजी शिक्षण संस्था की पहल को सीएम ने सराहा, विशेष बच्चों के लिए Visual Learning Curriculum आधारित किताबें और शिक्षण सामग्री जारी, मुख्यमंत्री ने शिक्षा में नवाचार और समावेशी व्यवस्था पर दिया जोर

देहरादून, 19 जुलाई 2026:

देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक निजी होटल में रविवार को एक शिक्षण संस्था के Inclusive Education Mission 2030 का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए तैयार Visual Learning Curriculum पर आधारित पुस्तकों और शिक्षण सामग्री का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल शिक्षा को ज्यादा आसान, असरदार और हर बच्चे तक पहुंचाने में मदद करेगी।

नई शिक्षा नीति पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार शिक्षा को सबसे अहम प्राथमिकताओं में रखकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का मकसद सिर्फ बच्चों को पढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें समझने, सोचने, नए आइडिया विकसित करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार करना है।

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स्कूलों में बढ़ रहीं सुविधाएं

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में Smart Class, ICT Lab, पीएम श्री विद्यालय, अटल उत्कृष्ट विद्यालय, डिजिटल लर्निंग कंटेंट और विज्ञान आधारित पढ़ाई को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। समावेशी शिक्षा को मजबूत करने के लिए स्कूलों में रैंप, रेलिंग, सुगम शौचालय, जरूरत के मुताबिक फर्नीचर और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है।

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विशेष बच्चों के लिए लगातार काम

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में करीब 5800 विशेष जरूरत वाले बच्चे अलग-अलग स्तर के स्कूलों में पंजीकृत हैं। सरकार के 11 विशेष विद्यालयों के जरिए 1300 से ज्यादा बच्चों को विशेष शिक्षा और पुनर्वास की सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर 300 से अधिक विशेष शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि बाकी रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है।

बच्चों को जीवन के लिए तैयार करने पर फोकस

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा शिक्षा तंत्र तैयार करना है, जहां हर बच्चे को अपनी क्षमता के मुताबिक आगे बढ़ने का मौका मिले। बच्चों को सिर्फ परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना जरूरी है।

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रिवर्स पलायन की मिसाल बनी पहल

मुख्यमंत्री ने शिक्षाविद अनीता शर्मा और शाइन अवी लर्निंग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि विदेश से लौटकर उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करना रिवर्स पलायन का अच्छा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई प्रवासी अपने गांव और राज्य लौटकर काम करने की इच्छा जता चुके हैं और कई लोग इस दिशा में काम भी कर रहे हैं। अपनी विरासत और संस्कृति को आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है।

विकास के मॉडल का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने कई क्षेत्रों में देश के सामने नई मिसाल पेश की है। राज्य में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू की गई। सतत विकास लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड ने पहला स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही नकल विरोधी कानून जैसे कई सख्त फैसले भी सरकार ने लागू किए हैं। कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष धीरेंद्र पंवार, अनीता शर्मा, रमेश भट्ट, सुधीर नौटियाल, पीसी नैनवाल, मनोज पंत समेत कई लोग मौजूद रहे।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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