लखनऊ, 1 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के हाई सिक्योरिटी जोन में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब रोडवेज के चार संविदाकर्मियों ने आत्मदाह का प्रयास किया। मुख्यमंत्री आवास से कुछ ही दूरी पर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया और चारों कर्मचारियों को हिरासत में लेकर सुरक्षित थाने पहुंचा दिया गया।
जानकारी के अनुसार आत्मदाह का प्रयास करने वालों में औरैया निवासी मुकेश सैनी, उन्नाव के ज्ञानेंद्र रावत, कानपुर के नितिन श्रीवास्तव और गोंडा के अभिषेक सिंह शामिल हैं। चारों सिटी बस सेवा से जुड़े चालक बताए जा रहे हैं। वे पेट्रोल से भरी बोतलें लेकर कालिदास मार्ग स्थित चौराहे पर पहुंचे और अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलने लगे। इससे पहले कि वे कोई बड़ा कदम उठा पाते पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

गौतमपल्ली थाना प्रभारी विपिन सिंह के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में कर्मचारियों ने बताया कि उनकी मांगों पर लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप है कि सिटी बस सेवा के संविदा चालक-परिचालकों का एक निजी कंपनी एसएस एंटरप्राइजेज में विलय किया जा रहा है। इसका वे विरोध कर रहे हैं।
दुबग्गा डिपो के संविदाकर्मियों का कहना है कि वे कई दिनों से कार्य बहिष्कार कर आंदोलन चला रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। कर्मचारियों के मुताबिक पहले उन्होंने डिपो परिसर में प्रदर्शन किया फिर हजरतगंज में चक्का जाम करने की कोशिश की और आखिरकार अपनी आवाज उठाने के लिए आत्मदाह जैसे कदम तक पहुंच गए।
कर्मचारियों का दावा है कि किसी भी चालक या परिचालक को निजी कंपनी के अधीन काम करना स्वीकार नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर लगभग 500 संविदा परिचालक और चालक पिछले कई दिनों से हड़ताल पर रहे। इसका असर शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। लखनऊ के 22 प्रमुख रूटों पर संचालित सिटी बस सेवाएं प्रभावित हुईं जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आज की घटना के बाद लालबत्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।






