विजय पटेल
रायबरेली, 25 अप्रैल 2026:
गंगा एक्सप्रेसवे का काम अंतिम चरण में है और इसके साथ रायबरेली प्रदेश की सबसे बड़ी कनेक्टिविटी परियोजना का अहम पड़ाव बनता दिख रहा है। मेरठ से प्रयागराज तक जा रहे इस एक्सप्रेसवे का करीब 77.3 किलोमीटर हिस्सा जिले से गुजर रहा है, जिससे इलाके की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।
जिले में दो बड़े एंट्री-एग्जिट प्वाइंट तैयार किए गए हैं। पहला लालगंज तहसील के एहार गांव के पास है, जबकि दूसरा ऊंचाहार के गोकुलपुर रोझईया में बनाया गया है। इन दोनों इंटरचेंज के जरिए रायबरेली सीधे एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे लखनऊ, प्रयागराज और पश्चिमी यूपी की दूरी पहले के मुकाबले काफी कम समय में तय हो सकेगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए जिले में दो रेस्ट एरिया और दो टोल प्लाजा भी बनाए गए हैं। रेस्ट एरिया में फ्यूल, खाने-पीने और जरूरी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे लंबी दूरी तय करने वालों को राहत रहेगी। ऊंचाहार क्षेत्र इस परियोजना का बड़ा फायदा उठाने की स्थिति में है। यहां करीब 200 एकड़ में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया गया है।

एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलने के बाद यहां नए उद्योग लगने की संभावना बढ़ी है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के मौके बढ़ेंगे और व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी। सुरक्षा के लिहाज से एक्सप्रेसवे को आधुनिक सिस्टम से लैस किया गया है। सड़क के किनारे रंबल स्ट्रिप्स लगाई गई हैं, जो वाहन के लेन से हटने पर ड्राइवर को अलर्ट करेंगी। हर किलोमीटर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि हर 10 किलोमीटर पर स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम तैनात है। इन सबकी निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
उद्घाटन से पहले जिला प्रशासन और एक्सप्रेसवे अथॉरिटी तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। 29 अप्रैल को हरदोई के मल्लावां में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इसका उद्घाटन प्रस्तावित है। इसके शुरू होते ही रायबरेली समेत आसपास के इलाकों में आवाजाही और कारोबारी गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
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