Uttar Pradesh

गोरखपुर में छठ घाट पर वेदी बनाने के साथ साथ तैयारी शुरू


हरेन्द्र दुबे

गोरखपुर,3 नवम्बर 2024:

गोरखपुर में छठ पूजा के महापर्व की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। घाटों की सफाई और वेदियों का निर्माण तेजी से हो रहा है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निकाय और ग्राम पंचायतें व्यवस्था में जुटी हैं।

छठ पूजा:वेदियों की सफाई और घाटों को चमकाने में जुटे लोग

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छठ पूजा की वेदी बनाने की तयारी

गोरखपुर लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर जिले में तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। छठ घाटों की साफ-सफाई और वेदियों के बनाकर रंग-रोगन का कार्य शुरू हो चुका है। शहरी क्षेत्र में इसकी जिम्मेदारी निकायों ने उठाया है तो ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम प्रधान अपनी पंचायत में व्यवस्था कराने में जुटे हैं। प्रशासनिक अधिकारी के साथ ही पुलिस के अधिकारी व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अपनी स्तर से तैयारी में जुट गए हैं। बाजारों में भी रौनक दिख रही तो लोगों में पर्व को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है।

नगर समेत ग्रामीण अंचलों में छठ महापर्व को लेकर काफी उत्साह हैं। चार दिवसीय छठ महापर्व पांच नवंबर मंगलवार से नहाय-खाय के साथ प्रारंभ होगा। आठ नवंबर शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्घ देकर महिलाएं व्रत तोड़ेंगी। पर्व की तैयारियां घाटों की साफ-सफाई से लेकर वेदियों को बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। शहर समेत कस्बों में निकायों के सफाईकर्मी सफाई कार्य में जुट गए हैं। वहीं गांवों में सफाई की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत व पूजा समितियों ने उठा रखी है।

जगह सुरक्षित करने को बनाने लगे वेदी

गोरखपुर छठ घाटों की सफाई होते ही कई श्रद्धालु घाटों की तरफ चल दिए। सभी पोखरे के पास जाकर अपने लिए जगह तलाशने लगे। कुछ लोगों ने आसपास से मिट्टी और ईंटों का जुगाड़ कर अपने लिए वेदी भी तैयार कर ली। इसकी देखा देखी कई अन्य श्रद्धालु भी घाटों पर पहुंच गए और वेदी तैयार करने लगे। कई घाटों पर सफाईकर्मी एक तरफ सफाई कर रहे थे, दूसरी तरफ लोग वेदी तैयार करने में जुटे हुए थे।

घाटों पर शुरू हुई छठ की तैयारियां

गोरखपुर दीवाली का त्योहार समाप्त होते ही छठ महापर्व की तैयारियां शुरू हो गई है। राप्ती नदी के रामघाट समेत गांवों में घाटों की साफ-सफाई व वेदी बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

गोरखपुर राप्ती,आमी, गुर्रा, सरयू बड़हलगंज, रोहिनी सहित आदि स्थानों पर पोखरों, नहर समेत नदी घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। घाटों की सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर तैयारियां पूरी की जा रही है।
पांच नवंबर को नहाय खाय

गोरखपुर छठ पूजा के पहले दिन यानी पांच नवंबर को नहाय खाय होगा। इस व्रत में साफ-सफाई का खास ख्याल रखना होता है, इसलिए नहाय खाय के दिन महिलाएं नहाने के बाद घर की साफ-सफाई करती हैं।

छह नवंबर को महिलाएं करेंगी खरना

गोरखपुर छठ महापर्व के दूसरे दिन खरना छह नवंबर को पड़ रहा है। इस दिन व्रती महिलाएं गुड़ की खीर का प्रसाद बनाती हैं। उसे रात में ग्रहण करती हैं जिसके बाद इसे प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। इसके बाद से 36 घंटे का व्रत शुरू हो जाता है।

सात नवंबर को पहला अर्घ्य

गोरखपुर छठ पूजा के तीसरे दिन सूर्यास्त के समय डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं। व्रती महिला और पुरुष नदी, तालाब या फिर घर में ही पानी में खड़े होकर अर्घ्य देते हैं। सूर्यास्त का समय शाम 5.10 बजे है।

आठ नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य

गोरखपुर चौथे दिन व्रती पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद छठ पूजा का समापन होता है। फिर व्रत का पारण किया जाता है। सूर्योदय समय- सुबह 6.18 बजे है।

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