
बिजनेस डेस्क, 27 सितंबर 2026:
गुजरात के कांडला में देश का पहला बंदरगाह आधारित E-Methanol Plant बनने जा रहा है। 2,300 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की शनिवार को आधारशिला रखी गई। प्लांट में हर दिन 150 टन ई-मेथेनॉल तैयार किया जाएगा। इसे समुद्री परिवहन के लिए कम कार्बन वाले ईंधन के तौर पर इस्तेमाल करने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।
कैसे तैयार होगा ई-मेथेनॉल
इस प्लांट में Renewable Energy, पानी और जैविक स्रोतों से मिलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड यानी Biogenic CO2 का इस्तेमाल होगा। इन संसाधनों से ई-मेथेनॉल तैयार किया जाएगा। परियोजना का मकसद पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने के साथ समुद्री परिवहन से होने वाले Carbon Emission को घटाने की दिशा में काम करना है।
150 टन रोजाना उत्पादन की क्षमता
कांडला में बनने वाले E-Methanol Plant की उत्पादन क्षमता 150 टन प्रतिदिन होगी। बंदरगाह के पास प्लांट स्थापित होने से इसके उत्पादन को समुद्री परिवहन क्षेत्र से जोड़ने का रास्ता भी तैयार होगा। परियोजना पर कुल 2,300 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।
DPA और APCL मिलकर लगाएंगे प्लांट
ई-मेथेनॉल परियोजना दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी यानी DPA और असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड यानी APCL के संयुक्त उपक्रम के तहत विकसित की जाएगी। APCL की भागीदारी से असम के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम की Green Energy Sector में मौजूदगी भी बढ़ेगी।
शिलान्यास कार्यक्रम में असम व गुजरात के सीएम शामिल हुए
प्लांट की आधारशिला रखे जाने के कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा व गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे। असम के सीएम ने तेल और पेट्रोलियम क्षेत्र में असम की लंबे समय से चली आ रही भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने Green Energy के क्षेत्र में राज्य के बढ़ते योगदान की बात कही।






