
लखनऊ, 27 जुलाई 2026:
गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व से पहले यूपी के सीएम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम अपनी साप्ताहिक ‘योगी की पाती’ जारी करते हुए गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को साक्षात् परम ब्रह्म का स्वरूप माना गया है। 29 जुलाई को मनाई जाने वाली गुरु पूर्णिमा गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का श्रेष्ठ अवसर है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सनातन परंपरा में यह पर्व महर्षि वेदव्यास की स्मृति में ‘व्यास पूर्णिमा’ के रूप में मनाया जाता है। वहीं, बौद्ध परंपरा में यह भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश और धर्मचक्र प्रवर्तन का स्मृति दिवस है। जैन परंपरा में इसका संबंध गौतम स्वामी की ज्ञान-दीक्षा से है और सिख परंपरा में गुरु-वाणी को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यही विविधता भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति का परिचायक है।
योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और नचिकेता के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते अपितु जीवन को सही दिशा भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि जहां गुरु का सम्मान होता है वहीं समाज और राष्ट्र प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने नौ वर्षों में शिक्षकों के सम्मान और सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। पारदर्शी भर्ती, समयबद्ध सेवा-सुविधाएं, आधुनिक डिजिटल संसाधन और निरंतर क्षमता विकास के माध्यम से शिक्षकों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराया गया है जिससे वे राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभा सकें।

उन्होंने बताया कि शिक्षकों और कर्मचारियों के कल्याण के लिए ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ लागू की गई है। इस योजना का लाभ बेसिक और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े लगभग 60 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित परिजन उठा रहे हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा विभाग के राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त तथा स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के 7.50 लाख से अधिक शिक्षक और उनके परिवार भी इस योजना के दायरे में शामिल किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जल्द ही 2.50 लाख से अधिक शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित भी इस योजना से लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही शिक्षकों और कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा बीमा कवर भी उपलब्ध कराया जा रहा है। अपने संदेश के अंत में योगी ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपने गुरुजनों का सदैव सम्मान करें। उनके आदर्शों को जीवन में अपनाएं और ज्ञान, संस्कार तथा राष्ट्र निर्माण की इस महान परंपरा को आगे बढ़ाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही व्यक्ति का सर्वांगीण विकास और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना साकार हो सकता है।






