कांग्रेस हाईकमान को हरीश रावत ने दिखाया ठेंगा, कहा- निकालेंगे जनसंवाद यात्रा
पार्टी की अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी खुलकर आई सामने, प्रदेश संगठन व हाईकमान से बिना चर्चा व अनुमति के कार्यक्रम किया तय, कुमारी शैलजा ने लिखा पत्र, कार्यक्रम को रोकने का किया आग्रह, कुछ विवादित बयानों को लेकर भी जताई गई नाराजगी

योगेंद्र मलिक
देहरादून 5 अक्टूबर 2026ः
उत्तराखंड में कांग्रेस के भीतर एक बार अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत की प्रस्तावित यात्रा को लेकर पार्टी में विवाद खड़ा हो गया है। यात्रा निकाले जाने के फैसले को लेकर कांग्रेस हाईकमान की ओर से हरीश रावत को नाराजगी का सामना करना पड़ा है। बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व इस बात से नाखुश है कि यात्रा को लेकर प्रदेश संगठन और हाईकमान से पर्याप्त चर्चा अथवा अनुमति के बिना कार्यक्रम तय किया गया। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी इस तरह से यात्रा निकाले जाने के फैसले से खुश नहीं बताए जा रहे हैं। पार्टी नेतृत्व की ओर से यात्रा के स्वरूप और उसके राजनीतिक संदेश को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

इस मामले में कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा की ओर से हरीश रावत को एक पत्र भेजा गया है। इसमें बिना अनुमति प्रदेशभर में यात्रा निकालने को लेकर आपत्ति जताते हुए उन्हें चेतावनी दी गई है। बताया जा रहा है कि पत्र में केवल यात्रा के आयोजन को लेकर ही सवाल नहीं उठाए गए, बल्कि सार्वजनिक मंचों पर हरीश रावत की ओर से दिए जा रहे कुछ बयानों को लेकर भी पार्टी नेतृत्व ने नाराजगी जाहिर की है। हाईकमान की ओर से यह संदेश दिए जाने की चर्चा है कि पार्टी के भीतर महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रमों और बयानों को लेकर संगठनात्मक अनुशासन व आपसी समन्वय बनाए रखना जरूरी है।

हालांकि हाईकमान की नाराजगी और कुमारी शैलजा के लेटर की चर्चाओं के बीच हरीश रावत के तेवर नरम पड़ते नजर नहीं आ रहे हैं। हरीश रावत की ओर से आज जसपुर से रामनगर तक यात्रा/भ्रमण कार्यक्रम का ऐलान किया गया है। कार्यक्रम के सामने आने के बाद उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे हरीश रावत और पार्टी हाईकमान के बीच बढ़ती दूरी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
साथियों, चुनौती बड़ी है। लेकिन उत्तराखंड के स्वाभिमान के लिए हमारा संकल्प भी दृढ़ है! ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ के इस दौर में अब रुकना नहीं है। उठो, चलो… राज्य में बदलाव लाना है और कांग्रेस को वापस लाना है!
जसपुर से हल्द्वानी तक, आइए आज साथ मिलते हैं, संवाद करते हैं और देवभूमि के हक की लड़ाई को आगे बढ़ाते हैं।#ThankYouAndPublicDialogueYatra #Uttarakhand #Uttarakhandiyat #Devbhoomi #PublicDialogue #Jaspur #Haldwani #Congress
— Harish Rawat (@harishrawatcmuk) October 5, 2026
हरीश रावत लंबे समय से उत्तराखंड कांग्रेस की राजनीति में एक प्रमुख और प्रभावशाली चेहरा रहे हैं। ऐसे में उनके द्वारा लगातार प्रदेशभर में सक्रियता बढ़ाए जाने और अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यक्रम किए जाने को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ पार्टी हाईकमान संगठनात्मक अनुशासन और सामूहिक निर्णय पर जोर दे रहा है। वहीं, दूसरी ओर हरीश रावत लगातार अपने राजनीतिक कार्यक्रमों के जरिए कार्यकर्ताओं और जनता के बीच सक्रिय नजर आ रहे हैं। जसपुर से रामनगर तक प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या हरीश रावत हाईकमान की नाराजगी के बावजूद अपनी राजनीतिक यात्रा जारी रखेंगे या पार्टी नेतृत्व के साथ बातचीत के बाद कार्यक्रम के स्वरूप में बदलाव किया जाएगा।






