लखनऊ, 1 अगस्त 2026:
यूपी में इस वर्ष ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को अब तक के सबसे बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है। सीएम योगी ने 5 करोड़ घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए स्पष्ट किया कि यह केवल एक सरकारी अभियान नहीं अपितु राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से हर नागरिक को जोड़ने का राष्ट्रीय जनआंदोलन है। उन्होंने सभी विभागों और सामाजिक संगठनों को समन्वित प्रयासों के साथ अभियान को ऐतिहासिक सफलता दिलाने के निर्देश दिए।
एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्षों में इस अभियान को जनभागीदारी के बल पर पूरे देश के सामने मिसाल बनाया है। वर्ष 2022 में प्रदेश के 4.10 करोड़, वर्ष 2023 और 2024 में 4.50 करोड़ से अधिक तथा वर्ष 2025 में 4.76 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराया गया था। इस बार लक्ष्य बढ़ाकर 5 करोड़ घरों तक पहुंचाया गया है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय ध्वजों के निर्माण, उपलब्धता और वितरण की व्यवस्था समय रहते पूरी कर ली जाए। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों, खादी एवं ग्रामोद्योग संस्थाओं, एमएसएमई इकाइयों और स्थानीय उत्पादन केंद्रों को अभियान से जोड़ा जाएगा। साथ ही राशन की दुकानों, ग्राम पंचायत भवनों, जन सेवा केंद्रों, तहसीलों, विकास खंड कार्यालयों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, डाकघरों और पेट्रोल पंपों के माध्यम से आम लोगों को आसानी से तिरंगा उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रदेशभर में तिरंगा रैली, तिरंगा संगीत समारोह, तिरंगा प्रदर्शनी, तिरंगा थीम आधारित रंगोली, प्रकाश सज्जा और ‘सेल्फी विद तिरंगा’ जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, हवाई अड्डे, प्रमुख सरकारी भवन, बाजार और सार्वजनिक स्थल तिरंगा थीम पर सजाए जाएंगे। विद्यालयों और महाविद्यालयों में स्वतंत्रता सेनानियों पर चित्र प्रदर्शनी, वंदे मातरम् गायन, चित्रकला प्रतियोगिताएं और राष्ट्रभक्ति से जुड़े विभिन्न आयोजन कर नई पीढ़ी को आजादी के इतिहास से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विशेष निर्देश दिए कि 14 और 15 अगस्त को प्रदेश के सभी सिनेमाघरों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का अनिवार्य प्रसारण सुनिश्चित किया जाए। वहीं 9 अगस्त को काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस तथा 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम पूरे सम्मान और गरिमा के साथ आयोजित किए जाएं। 9 से 15 अगस्त तक स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े सभी स्मारकों, शहीद स्थलों और स्मृति स्थलों पर विशेष आयोजन होंगे। इन स्थानों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा।
बैठक में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की तैयारियों की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राजधानी लखनऊ सहित सभी जिला मुख्यालयों पर विभाजन की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाए। पंजाबी, सिंधी, बंगाली और बांग्लादेश से आए शरणार्थी परिवारों को आमंत्रित कर उनके अनुभव साझा कराए जाएं तथा कैंडल मार्च आयोजित किए जाएं।
विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में परिचर्चाओं और विचार गोष्ठियों के माध्यम से युवाओं को विभाजन के इतिहास, उसके दुष्परिणामों और राष्ट्रीय एकता के महत्व से अवगत कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने एनसीसी, एनएसएस, स्वयंसेवी संगठनों, व्यापार मंडलों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए स्वतंत्रता पर्व को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने के निर्देश दिए।






