
लखनऊ, 3 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में तीन दिवसीय गांधी जयंती नाट्य महोत्सव (36वें वार्षिक समारोह) के पहले दिन शुक्रवार शाम गांधी भवन में रहस्य, रोमांच और सामाजिक सरोकार से भरपूर नाटक ‘मायाजाल’ का प्रभावशाली मंचन हुआ। मुंबई की चर्चित फिल्म एवं थियेटर संस्था अखिल भारतीय सांस्कृतिक संस्थान (एबीएसएस) के कलाकारों ने अपनी सशक्त अभिनय प्रस्तुति से दर्शकों को कहानी के साथ अंत तक बांधे रखा।
‘मायाजाल’ का लेखन एवं निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी, नाट्य लेखक, निर्देशक और अभिनय प्रशिक्षक राजेंद्र तिवारी ने किया है। लखनऊ के रहने वाले राजेंद्र तिवारी चार दशक से अधिक समय से रंगमंच के जरिए भारतीय संस्कृति और रंगकला के प्रचार-प्रसार में सक्रिय हैं। दो दशकों से मुंबई में एबीएसएस थिएटर का संचालन करते हुए उन्होंने लखनऊ से मुंबई तक 5,000 से अधिक कलाकारों को नाट्य एवं अभिनय प्रशिक्षण दिया है। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षित 250 से अधिक कलाकार आज फिल्मों और टेलीविजन धारावाहिकों में काम कर रहे हैं।
नाटक की कहानी वर्तमान समय में समाज में बढ़ती हिंसक प्रवृत्तियों और उसके पीछे छिपी मानसिकता को केंद्र में रखती है। कहानी एक रहस्यमयी घटना से शुरू होती है, जिसमें एक पत्नी अपने पति को बहाने से पहाड़ी पर ले जाती है और अपने प्रेमी की मदद से उसे खाई में धक्का दे देती है। इसके बाद सामने आने वाली घटनाएं कहानी को रहस्य और रोमांच से भर देती हैं। आखिर इस घटना के पीछे की असली वजह क्या है और सच की परतें किस तरह खुलती हैं। इन्हीं सवालों के साथ नाटक आगे बढ़ता है।

नाटक केवल अपराध और रहस्य की कहानी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मानवीय रिश्तों, भ्रम, संघर्ष और संवेदनाओं को भी प्रभावी ढंग से सामने लाता है। इसके जरिए दर्शकों को समाज में बढ़ती हिंसा, हिंसक मानसिकता के दुष्परिणाम और अहिंसा की आवश्यकता पर विचार करने का संदेश दिया गया।
नाटक में क्रिएटिव डायरेक्टर एवं सहायक निर्देशक की भूमिका निष्ठा तिवारी ने निभाई। देविका पटेल, अर्श, अक्षरिका दास, मोनिका भारती, संदीप मिश्रा, ललित पांडे, रोशन तिवारी, आर्यन सिंह, शिवम भारद्वाज, रतिकान्त दास, लक्ष्मी सोनी, अजय कुमार श्रीवास्तव, आशी अग्रवाल, शिव शेट्टी, आदर्श मिश्रा, ज्ञानेंद्र गुप्ता, संजय यादव, राजपति साहू और सचिन यादव समेत कलाकारों ने विभिन्न भूमिकाओं को जीवंत किया।
संस्था के अध्यक्ष अश्वनी कुमार शुक्ला की अगुवाई में आयोजित महोत्सव में स्थानीय रंगकर्मियों ललित पांडे, संदीप मिश्रा, गणेश रावत, अमित तिवारी, राकेश वर्मा, अश्वनी विश्वकर्मा, राकेश तिवारी, दिलकश रिजवी, अंजना तिवारी, केके अवस्थी, अमरेन्द्र सहाय और इकबाल सहित अन्य सहयोगियों की सक्रिय भूमिका रही। ‘मायाजाल’ ने मनोरंजन के साथ सामाजिक संदेश को जोड़ते हुए दर्शकों के सामने हिंसा, रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं पर विचार करने का एक सार्थक अवसर प्रस्तुत किया।






