SIR पर सियासी संग्राम : लखनऊ विश्वविद्यालय में सपा छात्र सभा का प्रदर्शन, मांगा CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा
अखिलेश यादव की हिरासत के विरोध में सड़क पर उतरे छात्र, चुनाव आयोग के खिलाफ की नारेबाजी, बोले- इस्तीफा नहीं हुआ तो सड़क से सदन तक जारी रहेगा संघर्ष

लखनऊ, 7 अक्टूबर 2026:
वोटर लिस्ट के SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय तक पहुंच गया। समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का गुस्सा दिल्ली में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने को लेकर भी नजर आया। छात्रों ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र से जुड़े मुद्दे उठाने वाले विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया। हालांकि ये आरोप प्रदर्शनकारियों के हैं। उनका दावा है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। विपक्ष पहले भी कथित ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा चुका है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लंबे समय से वोटों में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाते रहे हैं। उन्होंने इसके समर्थन में कई बार साक्ष्य सामने रखने का दावा किया है। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग ने इन शिकायतों पर अपेक्षित संज्ञान नहीं लिया।
छात्र नेताओं ने हाल में सामने आई एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त और उनके इशारे पर चुनाव आयोग भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के कारण भाजपा को राजनीतिक लाभ मिला है।
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ‘जेल भरो आंदोलन’ चलाया जाएगा। जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा नहीं होता तब तक सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रहेगा।






