
लखनऊ, 27 जुलाई 2026:
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोमवार को राजनीतिक घमासान की गूंज लखनऊ विश्वविद्यालय में सुनाई दी। विश्वविद्यालय में एक गुट के छात्रों ने पेपर लीक के मुद्दे पर गैर-एनडीए शासित राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1 पर एकत्र हुए छात्रों ने शर्म करो-शर्म करो के नारे लगाते हुए प्रदर्शन शुरू किया। छात्रों का कहना था कि पंजाब, कर्नाटक, केरल और झारखंड जैसे गैर-एनडीए राज्यों में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं लेकिन विपक्षी नेता इन मामलों पर चुप्पी साधे हुए हैं। उनका आरोप था कि यही नेता दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में खड़े थे, जबकि अपने दल या गठबंधन की सरकारों में हुई घटनाओं पर कोई सवाल नहीं उठा रहे।

प्रदर्शन के दौरान जब छात्र विश्वविद्यालय परिसर से बाहर निकलकर सड़क की ओर बढ़ने लगे तो पहले से तैनात पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की हुई। छात्रों ने बैरिकेडिंग को भी धक्का दिया जिसके बाद पुलिस ने उन्हें विश्वविद्यालय परिसर के भीतर ही रोक दिया और स्थिति को नियंत्रित किया।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग की कि जिन राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं वहां के शिक्षा मंत्रियों को भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर परिसर में कुछ समय तक राजनीतिक नारों और विरोध-प्रदर्शन का माहौल बना रहा।






