
उन्नाव, 27 जुलाई 2026:
उन्नाव में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह के दौरान जोड़ों को दिए गए गद्दों पर राजनीतिक दल के झंडे का प्रिंट मिलने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। तीन दिन पूर्व हड़हा स्थित डॉ वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में 459 जोड़ों को उपहार के तौर पर गद्दे दिए गए थे। बाद में कई गद्दों के कवर पर TMC लिखा होने के साथ चुनाव चिह्न भी छपा मिला।
24 जुलाई को हुआ समारोह अब सुर्खियों में
24 जुलाई को हुए समारोह में दिखे इन गद्दों के कवर हरे, केसरिया और सफेद रंग के थे। उन पर फूलों के डिजाइन के साथ अंग्रेजी में TMC लिखा था। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सामान सप्लाई करने वाली अलीगढ़ की फर्म मेसर्स इंडियन जनरल ट्रेडर्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। फर्म के खिलाफ उन्नाव की सदर कोतवाली में FIR दर्ज कराई गई है।
पटल सहायक निलंबित, ग्राम विकास अधिकारी पर कार्रवाई
जांच के बाद समाज कल्याण विभाग के पटल सहायक को निलंबित कर दिया गया है। ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। समाज कल्याण अधिकारी श्रीप्रकाश पांडेय से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने मामले की जांच के लिए CDO कृतिराज की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी बनाई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ये कदम उठाए गए हैं।

सप्लायर फर्म को Blacklist करने की तैयारी
CDO कृतिराज ने बताया कि सामान सप्लाई करने वाली फर्म को शासन स्तर से Blacklist कराने की कार्रवाई की जा रही है। इससे फर्म को भविष्य में सरकारी खरीद से जुड़े काम मिलने पर भी रोक लग सकती है। प्रशासन अब यह भी पता कर रहा है कि राजनीतिक दल से जुड़े प्रिंट वाले गद्दे सरकारी कार्यक्रम के लिए सप्लाई कैसे किए गए।
नोटिस के बाद प्रशासन ने शुरू की जांच
मामला सामने आने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीप्रकाश पांडेय ने अलीगढ़ के बरौली रोड स्थित पटवारी का नगर के पास पुलिस चौकी क्षेत्र की फर्म मेसर्स इंडियन जनरल ट्रेडर्स को नोटिस जारी किया था। इसके बाद जिलाधिकारी ने CDO की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद फर्म के साथ विभागीय स्तर पर जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई की गई।

अलीगढ़ के पते पर नहीं मिला फर्म का सुराग
उन्नाव में FIR का सामना कर रही इंडियन जनरल ट्रेडर्स फर्म का अलीगढ़ में दिया गया पता भी सवालों के घेरे में है। फर्म का पता नगला पटवारी की गली नंबर तीन, नईम कॉलोनी बताया गया है। स्थानीय स्तर पर पड़ताल में इस नाम की कॉलोनी का पता नहीं चला।
GST नंबर को लेकर भी उठे सवाल, सप्लाई और फर्म पर पुलिस की नजर
फर्म के ऑनलाइन GST नंबर की जानकारी सामने आने के बाद इस पर भी सवाल उठाए गए हैं। GST से जुड़े जानकारों ने नंबर को संदिग्ध बताया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। फिलहाल अलीगढ़ व उन्नाव पुलिस संयुक्त रूप से फर्म की खोजबीन में लगी है। जांच में अब फर्म की वास्तविकता, दिए गए पते, GST विवरण, सरकारी सप्लाई की प्रक्रिया और गद्दों पर राजनीतिक दल से जुड़े प्रिंट की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।






