
लखनऊ/मिर्जापुर, 30 जुलाई 2026:
यूपी सरकार विंध्य क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गुरुवार को मिर्जापुर मंडल की पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग की प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 48 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 18 पर्यटन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें मिर्जापुर की 15, भदोही की दो और सोनभद्र की एक परियोजना शामिल हैं। इनका उद्देश्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बुनियादी पर्यटन सुविधाओं का विस्तार कर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना है।
समीक्षा बैठक का सबसे प्रमुख आकर्षण मां विंध्यवासिनी त्रिकोण मार्ग के समग्र विकास का प्रस्ताव रहा। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस परियोजना में नव दुर्गा पार्क, अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो, टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर तथा श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे शक्तिपीठ मां विंध्यवासिनी धाम आने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।
मिर्जापुर में प्राचीन भगवान शंकर मंदिर, चुनार के शिव मंदिर, शिवपुर स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर समेत कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं के विकास के प्रस्तावों की समीक्षा की गई। वहीं भदोही में ज्ञानपुर के ऐतिहासिक दशहरा मेला स्थल और सीता धाम को विकसित करने की योजना पर चर्चा हुई। सोनभद्र के ओबरा स्थित शिव मंदिर के पर्यटन विकास और पर्यटक सुविधाओं के विस्तार का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया।

संस्कृति विभाग ने सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज स्थित इष्टिका मंदिर परिसर में बाउंड्री वॉल और गार्ड रूम निर्माण, परासी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान के विकास तथा मिर्जापुर के ऐतिहासिक घंटाघर के संरक्षण एवं संवर्द्धन से जुड़े प्रस्ताव प्रस्तुत किए। धर्मार्थ कार्य विभाग ने मां विंध्यवासिनी, मां अष्टभुजा और मां कालिखोह मंदिर को जोड़ने वाले विंध्य पथ त्रिकोण क्षेत्र में लगभग 43.38 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही परिक्रमा पथ परियोजना की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की। इसके अलावा सोनभद्र के एक शिव मंदिर के अनुरक्षण एवं रखरखाव के लिए लगभग 37 लाख रुपये का प्रस्ताव भी रखा गया।
मंत्री जयवीर सिंह ने निर्देश दिए कि एक करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं नवंबर 2026 तक तथा डेढ़ करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं छह माह के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने अधिकारियों से नियमित स्थलीय निरीक्षण, सतत निगरानी और गुणवत्ता मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता न करने पर विशेष जोर दिया। इससे विंध्य क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।






