
मेरठ, 7 अगस्त 2026:
कांवड़ यात्रा के दौरान उमड़ने वाले लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर योगी सरकार और मेरठ प्रशासन ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। आस्था के इस महासमुद्र में जहां भारी भीड़ और यातायात प्रतिबंधों के कारण सामान्य चार पहिया एंबुलेंस का पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है, वहीं प्रशासन ने पहली बार 18 हाईटेक बाइक एंबुलेंस को मैदान में उतारा है। यह व्यवस्था संकरे रास्तों और संकरी गलियों में भी शिवभक्तों के लिए ‘संजीवनी’ साबित हो रही है।
डीएम डॉ. वीके सिंह के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग ने पूरी कांवड़ यात्रा के लिए चिकित्सा ढांचा तैयार किया है। इसका उद्देश्य किसी भी बीमार या घायल कांवड़िए तक सबसे पहले पहुंचकर तत्काल प्राथमिक उपचार (First Aid) उपलब्ध कराना और गंभीर स्थिति में उन्हें बड़े अस्पतालों तक सुरक्षित रेफर करना है।
6 प्रमुख रूटों पर मुस्तैद सुरक्षा चक्र
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रसाद के अनुसार बाइक एंबुलेंस की तैनाती रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील और व्यस्त मार्गों पर की गई है। सकौती से मोहिउद्दीनपुर पर 6 बाइक एंबुलेंस,सलावा झाल से सिवालखास पुल तक 4 बाइक एंबुलेंस, दयावती मोदी एकेडमी से बेगमपुल तक 2 बाइक एंबुलेंस, बेगमपुल से परतापुर के बीच 2 बाइक एंबुलेंस, बेगमपुल से लोहिया नगर सब्जी मंडी तक 2 बाइक एंबुलेंस और हापुड़ अड्डा से माछरा रोड तक 2 बाइक एंबुलेंस की तैनाती की गई है।
हर बाइक पर उपलब्ध सेवाएं
हर बाइक पर प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ, जीवनरक्षक दवाइयां और फर्स्ट-एड किट मौजूद हैं। 32 हेल्थ कैंप और 25 निजी अस्पताल अलर्ट पर कांवड़ मार्गों पर कुल 32 हेल्थ कैंप स्थापित किए गए हैं, जहां डॉक्टर, दवाइयां, वैक्सीन कैरियर और आवश्यक उपकरण 24 घंटे उपलब्ध हैं। इसके अलावा, आपात स्थिति से निपटने के लिए जिले के 25 निजी अस्पतालों में बेड आरक्षित किए गए हैं।
कांवड़ यात्रा मार्गों पर पड़ने वाले हर सीएचसी (CHC) को 2 से 3 शिविर लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। सर्पदंश (Anti-Snake Venom) और कुत्ते के काटने (Dog Bite) के इंजेक्शन जैसी सभी आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
24 घंटे कंट्रोल रूम से निगरानी
जिला कंट्रोल रूम से स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम पल-पल की स्थिति पर नजर रख रही है। हेल्पलाइन पर सूचना मिलते ही निकटतम बाइक एंबुलेंस को तत्काल मौके पर रवाना किया जाता है। त्वरित चिकित्सा, कुशल प्रबंधन और आधुनिक सोच का यह संगम इस कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए सबसे भरोसेमंद सुरक्षा कवच बनकर उभरा है।






