लखनऊ, 9 मई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में शनिवार को अपना दल कमेरावादी के कार्यकर्ताओं ने यूजीसी की नई गाइडलाइन लागू करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सिराथू से विधायक पल्लवी पटेल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता चारबाग में जुटे और विधानसभा घेराव की घोषणा के साथ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विधानसभा की ओर कूच करने से पुलिस ने रोका तो विरोध जताया और प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया जब कार्यकर्ता चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहुंच गए और एक चल रहे इंजन को रुकवाकर पल्लवी पटेल के साथ कई कार्यकर्ता उसके ऊपर चढ़ गए। प्रदर्शनकारी हाथों में झंडे, तख्तियां और पोस्टर लिए हुए थे। वे यूजीसी लागू करो या कुर्सी खाली करो और शैक्षणिक संस्थानों में एससी-एसटी व ओबीसी का दमन बंद करो जैसे नारे लगा रहे थे।
चारबाग से विधानसभा कूच को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात कर रखा था। चारबाग और आसपास के कई रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई थी। जैसे ही पल्लवी पटेल समर्थकों के साथ आगे बढ़ीं वैसे ही पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। हालांकि पुलिस अधिकारियों की समझाने की कोशिश बेअसर रही और प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। बैरिकेडिंग से नाराज कार्यकर्ता अचानक चारबाग रेलवे स्टेशन की ओर दौड़ पड़े।

इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर-1 से एक इंजन धीरे-धीरे गुजर रहा था जिसे प्रदर्शनकारियों ने रुकवा दिया। इंजन रुकते ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उसके ऊपर चढ़ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक पल्लवी पटेल भी कार्यकर्ताओं के साथ इंजन पर चढ़ीं और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। रेलवे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कार्यकर्ताओं के प्लेटफॉर्म की ओर दौड़ने पर पुलिसकर्मी भी उनके पीछे भागते नजर आए। चारबाग स्टेशन पर हुए इस हाईवोल्टेज प्रदर्शन से कुछ देर के लिए रेलवे संचालन और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को हटाने और स्थिति नियंत्रित करने में जुटी रही। राजधानी के बीचोंबीच हुए इस प्रदर्शन ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है।






