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मोदी सरकार का राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड में बड़ा फेरबदल, पूर्व RAW प्रमुख आलोक जोशी बने नए अध्यक्ष

नई दिल्ली, 1 मई 2025

देश की रणनीतिक सलाहकार में सरकार ने ताजा मामले को देखते हुए नए बदलाव किए है। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के चलते सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी समिति को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, केंद्र सरकार ने सशस्त्र बलों, खुफिया, विदेश सेवा और पुलिस के कई उच्च-प्रोफ़ाइल पूर्व अधिकारियों को शामिल करके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (एनएसएबी) का पुनर्गठन किया है। रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के पूर्व प्रमुख आलोक जोशी को एनएसएबी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

सात सदस्यीय बोर्ड में अन्य छह उल्लेखनीय नए नामों में पूर्व पश्चिमी एयर कमांडर एयर मार्शल पीएम सिन्हा, पूर्व दक्षिणी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह और रियर एडमिरल मोंटी खन्ना शामिल हैं – ये सभी सशस्त्र बलों के वरिष्ठ सेवानिवृत्त नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं।

नए बोर्ड में दो अनुभवी पुलिस अधिकारियों – राजीव रंजन वर्मा और मनमोहन सिंह को भी शामिल किया गया है। दोनों ही सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं। इस पैनल में पूर्व भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी बी. वेंकटेश वर्मा भी शामिल हैं।

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आखिर कौन है अध्यक्ष आलोक जोशी ?

लंबे समय तक रिसर्च एंड एनालिसिस विंग के प्रमुख रहे आलोक जोशी  1976 बैच के हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। लखनऊ से आने वाले उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से स्नातक, राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की और फिर 1976 में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस), हरियाणा कैडर में शामिल हुए।

1976 में हरियाणा कैडर में नियमित भर्ती (आरआर) के रूप में कमीशन प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपने शुरुआती पेशेवर दिनों में वेस्ट यॉर्कशायर पुलिस प्रशिक्षण और विकास केंद्र, यूके से कमांड कोर्स पूरा किया।

जोशी ने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने नेपाल में रॉ के स्टेशन प्रमुख के रूप में काम किया था और आतंकवाद विरोधी मुद्दों को भी संभाला था। जोशी की अध्यक्षता में 2018 में देहरादून में भारत के पहले ड्रोन एप्लीकेशन रिसर्च सेंटर और साइबर सुरक्षा केंद्र का उद्घाटन किया गया था।

बोर्ड के सदस्य  :

पुनर्गठित राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के अन्य सदस्यों में पूर्व पश्चिमी वायु सेना कमांडर एयर मार्शल पीएम सिन्हा, पूर्व दक्षिणी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह, रियर एडमिरल मोंटी खन्ना (सेवानिवृत्त), सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी राजीव रंजन वर्मा और मनमोहन सिंह शामिल हैं। सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी बी वेंकटेश भी बोर्ड का हिस्सा हैं।

क्या करती है एनएसएबी :

केंद्र सरकार के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (एनएसएबी) का मुख्य कार्य दीर्घकालिक विश्लेषण करना, राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) को परिप्रेक्ष्य प्रदान करना और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद द्वारा संदर्भित मुद्दों पर उपाय, समाधान और नीति विकल्पों की सिफारिश करना है।

 

 

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