Uttar Pradesh

जेल में न एसी मिलेगा, न ट्विटर : मंत्री ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा हमला

सुभासपा प्रमुख बोले- गोमती रिवर फ्रंट का पैसा चुनाव और सैफई परिवार की तिजोरी में गया, एक्स पर छिड़ी सियासी जंग हुई और तल्ख, कहा कि पूरी फाइल लेकर बैठा हूं, एक-एक चिट्ठा खोलूंगा

लखनऊ, 22 जून 2026:

यूपी की सियासत में सुभासपा प्रमुख एवं प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर और सपा मुखिया अखिलेश यादव के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर छिड़ी जुबानी जंग अब और तीखी हो गई है। रविवार को भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाने वाले अखिलेश यादव के बयान के बाद सोमवार को ओमप्रकाश राजभर ने पलटवार करते हुए सपा नेतृत्व और पूर्ववर्ती सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

राजभर ने एक्स पर लिखा कि गोमती रिवर फ्रंट परियोजना का फंड वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में खर्च कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू की गई नोटबंदी के कारण अखिलेश यादव अतीक अहमद के कथित काले धन का इस्तेमाल नहीं कर सके। यही वजह रही कि गोमती रिवर फ्रंट परियोजना का पूरा बजट खर्च होने के बावजूद केवल 60 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका।

No AC, No Twitter in Jail Minister OP Rajbhar's Critique (1)

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मंत्री राजभर ने आरोप लगाया कि शेष 40 प्रतिशत कार्य के लिए निर्धारित धनराशि सैफई परिवार की तिजोरी और विधानसभा चुनाव में खर्च कर दी गई। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को उम्मीद थी कि दोबारा सत्ता में आने के बाद यह सब छिप जाएगा लेकिन जनता ने उनकी सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया और कथित घोटालों की परतें खुलने लगीं।

अपने हमले को और आक्रामक बनाते हुए राजभर ने लिखा कि यह अखिलेश सरकार के भ्रष्ट काले कारनामों का सिर्फ एक नमूना है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास पूरी फाइल मौजूद है और वह एक-एक कर सभी मामलों का खुलासा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित संस्थाएं और जांच एजेंसियां गोमती रिवर फ्रंट मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने में जुटी हैं। पोस्ट के अंत में उन्होंने तंज कसते हुए लिखा- धीरज रखें, जेल में न एसी मिलेगा, न ट्विटर होगा और न ही पीसी कर पाएंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले रविवार को अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड टूट चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि कहीं पानी की टंकियां गिर रही हैं तो कहीं पुल ढह रहे हैं। उनके अनुसार कमीशनखोरी और बजट की लूट के कारण विकास कार्य गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं और प्रदेश में हर तरफ बजट की बंदरबांट हो रही है। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर छिड़ा यह सियासी संग्राम अब और तेज होता दिखाई दे रहा है।

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