योगेंद्र मलिक
हरिद्वार, 29 अप्रैल 2026:
उत्तराखंड के हरिद्वार कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को आयोजित जिला योजना समिति की समीक्षा बैठक विवादों में घिर गई। विपक्षी विधायकों ने विकास कार्यों में पक्षपात का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। जनपद के प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में वर्ष 2026-27 की विकास योजनाओं और विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही थी।
बैठक के दौरान कांग्रेस और बसपा के विधायकों ने आरोप लगाया कि जिला योजना में विपक्षी प्रतिनिधियों के क्षेत्रों की अनदेखी की जा रही है। विकास कार्यों में समानता नहीं बरती जा रही। बसपा विधायक शहजाद, कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाती, अनुपमा रावत, ममता राकेश, फुरकान अहमद और रवि बहादुर समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने खुलकर नाराजगी जताई।

स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब आक्रोशित विधायकों ने अपनी फाइलें मंत्री के सामने टेबल पर रख दीं और तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ देर तक बैठक का माहौल गरमाया रहा और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। विरोध कर रहे विधायकों का कहना था कि उनके विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े प्रस्तावों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष के क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।
विवाद बढ़ने पर कांग्रेस विधायकों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और कक्ष से बाहर निकलकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। इस दौरान सभागार के बाहर भी हलचल और तनाव का माहौल बना रहा।
प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जिला योजना समिति की बैठक का उद्देश्य विकास कार्यों को गति देना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी जनप्रतिनिधियों के सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा और सरकार प्रदेश के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है।






