
लखनऊ, 30 अगस्त 2026:
यूपी में पंचायत चुनाव जल्द कराने की मांग को लेकर रविवार को लखनऊ में ग्राम प्रधानों समेत पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य समेत दूसरे पंचायत प्रतिनिधि दारुल शफा विधायक निवास पर जुटे। यहां से प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए विधानसभा का घेराव करने के लिए आगे बढ़ने लगे।
बीजेपी सरकार के खिलाफ लगाए नारे
प्रदर्शन के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में पंचायत चुनाव की मांग वाले पोस्टर थे। इनमें ‘चाहे जो मजबूरी हो, पंचायत चुनाव जरूरी है’ जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारी ‘लोकतंत्र बचाओ, पंचायत बचाओ’ अभियान के तहत विधानसभा तक जाने की कोशिश कर रहे थे।

पुलिस ने रास्ते में रोककर ईको गार्डन भेजा
दारुल शफा के सामने काफी देर तक नारेबाजी के बाद प्रदर्शनकारी विधानसभा की तरफ बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी नहीं रुके तो पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की व नोकझोंक हुई। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को ईको गार्डन भेजा गया।
26 मई को पूरा हुआ था कार्यकाल, समय पर चुनाव संवैधानिक व्यवस्था का हिस्सा
इस दौरान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल 26 मई 2026 को पूरा हो चुका है। इसके बाद छह महीने का Extension दिया गया था, जिसकी अवधि भी जल्द खत्म होने वाली है। उनका कहना है कि प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जल्द कराए जाने चाहिए। पंचायतों के चुनाव समय पर कराना संवैधानिक व्यवस्था का हिस्सा है। चुनाव में देरी को लेकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर सवाल उठाए।

दोबारा Extension का विरोध
वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद 6 महीने का Extension दिया है। अब दोबारा Extension दिए जाने की चर्चा है, जिसका पंचायत प्रतिनिधि विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि तय समय पर पंचायत चुनाव कराए जाएं।






