Raebareli City

न बिजली की रोशनी, न किताबें, न शिक्षक… ‘जेन-अल्फा’ ने आधी रात खोल दी सरकारी स्कूल की पोल

रायबरेली के जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में क्षमता से अधिक छात्र, जीव विज्ञान और शारीरिक शिक्षा के शिक्षक नहीं, एनसीईआरटी की किताबें भी अब तक नहीं मिलीं, सड़क जाम कर डीएम से मिलने की मांग

विजय पटेल

रायबरेली, 10 सितंबर 2026:

दिल्ली के जंतर-मंतर से उठी जेन-जी की आवाज स्कूलों की चौखट तक बुलंद होती दिख रही है। यूपी के कई जिलों में स्कूली बच्चे यानी जेन-अल्फा पढ़ाई और विद्यालयों की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार देर रात प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे रायबरेली जनपद में समाज कल्याण विभाग के जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय (आश्रम पद्धति विद्यालय) के तमाम छात्र अचानक सड़क पर उतर आए। विद्यालय की अव्यवस्थाओं से नाराज छात्रों ने सड़क जाम कर दिया और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर काफी देर तक प्रदर्शन किया।

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बछरावां क्षेत्र के शेषपुर समोधा स्थित इस विद्यालय के छात्रों का आरोप है कि रात के समय पर्याप्त बिजली और रोशनी तक उपलब्ध नहीं है। अंधेरे में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। छात्रों ने विद्यालय में पर्याप्त किताबें नहीं मिलने और शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि पढ़ाई प्रभावित हो रही है लेकिन उनकी समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा।

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छात्रों ने विद्यालय के बाबू बृजेश प्रजापति पर भी गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारी बच्चों की मांग थी कि उन्हें जिलाधिकारी से सीधे मुलाकात कराई जाए जिससे वे अपनी समस्याएं उनके सामने रख सकें। मामले की सूचना मिलते ही समाज कल्याण अधिकारी, एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। करीब एक घंटे तक समझाने-बुझाने के बाद छात्र शांत हुए। अधिकारियों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने सड़क से जाम हटा लिया और वापस विद्यालय लौट गए।

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छात्रों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में जीव विज्ञान और शारीरिक शिक्षा के शिक्षक नहीं हैं। एनसीईआरटी की किताबें भी अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। छात्रों के मुताबिक अप्रैल में ही किताबें उपलब्ध कराने का टेंडर हो चुका है। यह विद्यालय जूनियर हाईस्कूल से इंटरमीडिएट तक संचालित होता है।

विद्यालय की क्षमता 274 छात्रों की है जबकि वर्तमान में 387 छात्र पंजीकृत हैं। यानी क्षमता से कहीं अधिक छात्र यहां पढ़ रहे हैं। विद्यालय के प्रिंसिपल अवधेश प्रसाद यादव हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों का देर रात सड़क पर उतरना सिर्फ एक स्कूल की अव्यवस्था का मामला नहीं अपितु उस पीढ़ी के बढ़ते असंतोष का संकेत भी है जो बेहतर शिक्षा, किताबें, शिक्षक और बुनियादी सुविधाओं को अपना अधिकार मानकर सवाल पूछ रही है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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