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सावरकर टिप्पणी केस में राहुल गांधी को सुप्रीम राहत, शिकायत और समन रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मुकदमा चलाने के लिए जरूरी मंजूरी नहीं ली गई, 2022 के बयान से शुरू हुआ था विवाद, पहले कोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत

न्यूज डेस्क, 14 अगस्त 2026:

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर पर की गई टिप्पणी के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज आपराधिक शिकायत और निचली अदालत की ओर से जारी समन को रद्द कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में राहुल गांधी पर मुकदमा चलाने के लिए कानून के तहत जरूरी मंजूरी हासिल नहीं की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि दोनों पक्षों के वकीलों को सुना गया। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में आवश्यक मंजूरी दिए जाने का कोई उल्लेख नहीं है। ऐसे में मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश को बरकरार नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने इसी आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ जारी आदेश को रद्द कर दिया।

2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिया था बयान

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मामला 17 नवंबर 2022 का है। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने सावरकर को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सावरकर अंग्रेजों के सहयोगी थे और उन्हें अंग्रेजों से पेंशन मिलती थी। इस बयान के खिलाफ वकील नृपेंद्र पांडेय ने शिकायत दर्ज कराई थी।

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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि बयान समाज में नफरत फैलाने के इरादे से दिया गया। मामले में राहुल गांधी के खिलाफ तत्कालीन IPC की धारा 153A और 505 के तहत कार्रवाई की मांग की गई थी। जून 2023 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने शिकायत खारिज कर दी थी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने सेशंस कोर्ट का रुख किया। सेशंस कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए मामला फिर मजिस्ट्रेट कोर्ट भेज दिया।

दिसंबर 2024 में निचली अदालत ने प्रथमदृष्टया राहुल गांधी के खिलाफ IPC की धारा 153A और 505 के तहत मामला बनता मानते हुए समन जारी किया। राहुल गांधी को अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

पहले सुप्रीम कोर्ट ने बयान पर जताई थी नाराजगी

इस मामले की पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया था। समन पर रोक लगाते हुए अदालत ने चेतावनी दी थी कि यदि राहुल गांधी ने भविष्य में इस तरह के बयान दोहराए तो कोर्ट स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई कर सकता है। अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर विराम लग गया है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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