
लखनऊ, 25 सितंबर 2026:
भ्रष्टाचार के खिलाफ यूपी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति और लगातार हो रही कार्रवाई के बावजूद सरकारी काम के एवज में रिश्वत मांगने का सिलसिला थम नहीं रहा है। शामली में बालू खनन का आवेदन आगे बढ़ाने के नाम पर रिश्वत लेने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यूपी विजिलेंस की मेरठ टीम ने जिला खनन अधिकारी सुधाकर सिंह और क्लर्क (संविदा कर्मी) सद्दाम को 85 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद दोनों के कार्यालय और आवास पर हुई तलाशी में 71 लाख रुपये नकद बरामद हुए।
यूपी विजिलेंस की आईजी मंजिल सैनी के मुताबिक शिकायतकर्ता ने दो सितंबर को बालू खनन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन जिला खनन अधिकारी के स्तर पर लंबित था। आरोप है कि सद्दाम ने आवेदन आगे बढ़ाने के बदले एक लाख रुपये से अधिक खर्च होने की बात कही। बातचीत के बाद एक लाख रुपये जिला खनन अधिकारी के एसबीआई खाते में, 30 हजार रुपये सद्दाम और पांच हजार रुपये उसके सहयोगी को देने की बात तय हुई।

शिकायत मिलने पर विजिलेंस की मेरठ यूनिट ने पहले आरोपों का सत्यापन किया। इसके बाद बृहस्पतिवार को ट्रैप लगाकर दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस के अनुसार शिकायतकर्ता ने अब तक 85 हजार रुपये दिए थे। इसमें 50 हजार रुपये ऑनलाइन जिला खनन अधिकारी के खाते में ट्रांसफर किए गए, जबकि 35 हजार रुपये नकद दिए गए।
कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने दोनों के कार्यालय और आवास पर तलाशी ली। इस दौरान कार्यालय से आठ लाख रुपये और आवास से 63 लाख रुपये, यानी कुल 71 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। बरामद रकम को लेकर भी विजिलेंस जांच कर रही है।

पर्दे के पीछे सद्दाम, अधिकारी पर गंभीर आरोप
विजिलेंस के अनुसार जिला खनन अधिकारी ने रिश्वत की डीलिंग की जिम्मेदारी सद्दाम को दे रखी थी। आरोप है कि आवेदकों और कार्यालय से जुड़े काम के लिए आने वाले लोगों से सद्दाम ही रकम की बातचीत करता था। वह अपना हिस्सा रखने के बाद बाकी रकम अधिकारी तक पहुंचाता था।
आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। आईजी विजिलेंस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगे जाने पर विजिलेंस हेल्पलाइन 9454401866 पर शिकायत करें।






