
बिजनेस डेस्क, 10 अगस्त 2026:
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 178 अंक चढ़कर 78,676 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। वहीं Nifty भी करीब 50 अंकों की तेजी के साथ 24,620 के स्तर के पार कारोबार करता दिखा।
मजबूत घरेलू मांग, पहली तिमाही के बेहतर नतीजों और विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिला। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता भी बढ़ाई।
Pharma और IT शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो सोमवार को सबसे ज्यादा मजबूती हेल्थकेयर और आईटी शेयरों में रही। निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.72 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। मिडस्मॉल हेल्थकेयर और निफ्टी 500 हेल्थकेयर इंडेक्स भी करीब 0.63 फीसदी चढ़े। आईटी सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी रही। निफ्टी आईटी में 0.53 फीसदी जबकि मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम इंडेक्स में 0.58 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। निजी बैंक, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी शेयर भी बढ़त में रहे।
Oil & Gas सेक्टर पर दबाव
जहां कई सेक्टरों में तेजी रही, वहीं ऑयल एंड गैस कंपनियों के शेयर दबाव में नजर आए। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.27 फीसदी की गिरावट के साथ सबसे कमजोर सेक्टर रहा। इसके अलावा पीएसयू बैंक इंडेक्स भी 0.21 फीसदी फिसल गया।
बेहतर तिमाही नतीजों से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि पहली तिमाही में ज्यादातर कंपनियों के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे हैं। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। मजबूत घरेलू मांग को देखते हुए दूसरी तिमाही में भी कई कंपनियों की बिक्री और मुनाफे में बढ़ोतरी जारी रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
इन सेक्टरों पर रहेगी बाजार की नजर
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले समय में बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, मेटल और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। हालांकि, सामान्य से कमजोर मानसून अभी भी बाजार के लिए एक जोखिम बना हुआ है। जुलाई में बारिश में सुधार जरूर हुआ, लेकिन कुछ इलाकों में अब भी कमी बनी हुई है।
FII खरीदारी बनी सकारात्मक संकेत
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख भी बाजार के पक्ष में बना हुआ है। जुलाई में विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध खरीदार रहे। अगस्त में भी अधिकांश कारोबारी सत्रों में उनकी खरीदारी जारी रहने से बाजार को मजबूती मिल रही है।
Crude Oil की तेजी बढ़ा सकती है दबाव
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी निवेशकों के लिए चिंता की वजह बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड 1 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 84.73 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 1.59 फीसदी की बढ़त के साथ 79.43 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की बढ़ती कीमतों का असर बाजार और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है।






