
अनिल निषाद
अयोध्या, 19 अगस्त 2026:
अयोध्या साइबर क्राइम थाने के दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। राजस्थान के सीकर में रिश्वत की रकम लेने पहुंचे इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ वहां एंटी करप्शन ब्यूरो ने कार्रवाई की थी। मामला सामने आने के बाद अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने चारों को निलंबित कर दिया।
निलंबित होने वालों में दरोगा भी शामिल
निलंबित पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक यशवंत सिंह, कांस्टेबल पवन कुमार त्रिपाठी, कांस्टेबल सोहन लाल व कांस्टेबल गौरव चारग शामिल हैं। चारों पर साइबर फ्रॉड के एक मामले की जांच के दौरान आरोपी से रिश्वत मांगने का आरोप है। एसएसपी ने चारों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं।
सीकर के व्यक्ति को अयोध्या बुलाया था
मामला राजस्थान के सीकर निवासी एक व्यक्ति से जुड़ा है। साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने उसे साइबर फ्रॉड के एक केस में नोटिस देकर पूछताछ के लिए अयोध्या बुलाया था। आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिसकर्मियों ने उसे केस में जेल भेजने की बात कही। इसके बाद उससे जेल जाने से बचाने के नाम पर चार लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई।
2.80 लाख रुपये में तय हुई रकम
बातचीत के बाद कथित तौर पर रिश्वत की रकम 2.80 लाख रुपये में तय हुई। इसके बाद रकम लेने के लिए अयोध्या साइबर क्राइम थाने के चारों पुलिसकर्मी राजस्थान के सीकर पहुंच गए। इसी दौरान राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो को मामले की जानकारी मिली।
रिश्वत लेने सीकर पहुंची टीम को ACB ने पकड़ा
राजस्थान ACB ने कार्रवाई करते हुए अयोध्या के चारों पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया। कार्रवाई की जानकारी अयोध्या पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। इसके बाद एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने मामले में विभागीय कार्रवाई करते हुए चारों को सस्पेंड कर दिया।
अयोध्या में विभागीय जांच शुरू
निलंबन के साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में साइबर फ्रॉड केस की पड़ताल से लेकर रिश्वत मांगने के आरोप तक पूरे घटनाक्रम को देखा जाएगा। राजस्थान में हुई कार्रवाई के बाद वहां की कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।






