हरदोई, 13 जून 2026:
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने हरदोई के जिलाध्यक्ष शराफत अली के कथित वायरल वीडियो को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। प्रदेश अध्यक्ष ने जिला कार्यकारिणी समेत सभी प्रकोष्ठों की कमेटियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। यह फैसला पार्टी की वरिष्ठ नेताओं पूर्व सांसद ऊषा वर्मा और पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणियों के बाद लिया गया।
बताया गया कि सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित स्टिंग वीडियो में शराफत अली पूर्व सांसद ऊषा वर्मा, उनकी जेठानी राजेश्वरी देवी और उनके परिवार के बारे में आपत्तिजनक बातें करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पार्टी के भीतर नाराजगी बढ़ गई थी।

ऊषा वर्मा तीन बार हरदोई से सांसद रह चुकी हैं, जबकि राजेश्वरी देवी दो बार विधायक रह चुकी हैं। दोनों का परिवार जिले की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली माना जाता है। उनके ससुर बाबू परमाई लाल समाजवादी राजनीति के बड़े चेहरों में गिने जाते थे और मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे थे।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ऊषा वर्मा ने कहा कि यदि किसी जिलाध्यक्ष की महिलाओं के प्रति सोच ऐसी है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से सख्त कार्रवाई की मांग की थी। ऊषा वर्मा व राजेश्वरी देवी ने इस मामले की शिकायत सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से की थी।
शिकायत के बाद प्रदेश नेतृत्व ने संगठनात्मक कार्रवाई करते हुए पूरी जिला कार्यकारिणी और सभी प्रकोष्ठों की कमेटियों को भंग करने का फैसला लिया।
इस मामले में प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने अखिलेश यादव से शराफत अली के खिलाफ कार्रवाई कर उदाहरण पेश करने की बात कही थी।






