
लखनऊ, 26 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित बहुमंजिला भवन में भीषण अग्निकांड में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परिवहन विभाग ने प्रदेशभर में 30 दिवसीय विशेष सुरक्षा अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत स्लीपर बसों, स्कूल बसों, स्टेज कैरिज और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बसों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, उनकी कार्यशीलता और वैधता की सघन जांच की जाएगी।
परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि लखनऊ अग्निकांड ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आपातकालीन परिस्थितियों में अग्नि सुरक्षा उपकरण यात्रियों की जान बचाने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी संभागीय एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों को अभियान चलाकर वाहनों की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान के दौरान फिटनेस जांच में बसों में लगे अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, क्षमता, वैधता, कार्यशीलता तथा उनके सही स्थान पर लगाए जाने की विशेष रूप से जांच होगी। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि अग्निशमन यंत्र समय-समय पर रिफिल अथवा सर्विस किए गए हों और उनकी वैधता समाप्त न हुई हो।
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि जिन वाहनों में अग्निशमन यंत्र नहीं होंगे, उपकरण खराब होंगे या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी होगी, उन्हें कमियां दूर होने तक फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में आवश्यक प्रवर्तन कार्रवाई भी की जाएगी।
विशेष अभियान के तहत बस अड्डों, प्रमुख मार्गों, टोल प्लाजा, जनपद सीमाओं और अन्य उपयुक्त स्थानों पर वाहनों की सघन जांच होगी। स्लीपर बसों में आपातकालीन निकास, सेफ्टी हैमर, विद्युत वायरिंग तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की जाएगी। वहीं स्कूल बसों में अग्निशमन यंत्रों के अलावा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों के अनुपालन का सत्यापन किया जाएगा।
परिवहन विभाग ने बस संचालकों, वाहन स्वामियों, परिवहन कंपनियों और विद्यालय प्रबंधन को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने तथा अग्निशमन यंत्रों के नियमित अनुरक्षण और समयबद्ध परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह विशेष अभियान 23 जुलाई तक चलेगा। अभियान के दौरान की गई जांच और प्रवर्तन कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को परिवहन मुख्यालय भेजनी होगी।






