
आगरा, 26 जुलाई 2026:
गुरु पूर्णिमा से तीन दिन पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का आगाज किया। योजना के तहत यूनिवर्सिटी, सरकारी सहायता प्राप्त और प्राइवेट कॉलेजों के शिक्षकों को हर साल 5 लाख रुपये तक cashless treatment मिलेगा। शिक्षक के साथ उसका परिवार भी इस सुविधा के दायरे में रहेगा।
योजना के फायदे बताए, शिक्षकों को जिम्मेदारी का एहसास कराया
रविवार को आगरा में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित शिवाजी मंडपम में हुआ। यहां विश्वविद्यालयों में research और innovation से जुड़े कामों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इससे पूर्व शनिवार को सीएम ने जिले में ही रहकर विकास कार्यों की समीक्षा की थी। आज दौरे के दूसरे दिन मंडपम में हजारों की भीड़ के बीच उन्होंने योजना के फायदे बताए तो शिक्षकों को छात्रों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास भी कराया।
कार्ड बनते ही इलाज की सुविधा, अस्पताल का बिल सरकार देगी
योजना में शामिल शिक्षक को कार्ड बनने के बाद इलाज के लिए अपनी जेब से रकम खर्च करने की जरूरत नहीं होगी। सरकारी या सूचीबद्ध निजी अस्पताल में भर्ती होने से लेकर इलाज, दवाइयों और discharge तक का खर्च योजना के तहत कवर होगा। इसमें 1900 से ज्यादा treatment packages रखे गए हैं। कैंसर, हृदय रोग, किडनी की बीमारी और बड़ी सर्जरी जैसे महंगे इलाज भी इसके दायरे में आएंगे। योजना का संचालन SACHIS के जरिए किया जाएगा। इलाज के लिए Ayushman Bharat में लागू तय दरों को आधार बनाया जाएगा।
5 लाख का इलाज ही नहीं, करोड़ों का बीमा भी
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त insurance cover का भी ऐलान किया। इसके लिए Punjab National Bank यानी PNB के साथ MoU किया गया है। करार के तहत 1.50 करोड़ रुपये तक का personal accident insurance मिलेगा। हवाई दुर्घटना की स्थिति में यह cover 3 करोड़ रुपये तक होगा। अस्पताल में भर्ती होने पर 60 हजार रुपये तक cash benefit के साथ 12 लाख रुपये तक का term life insurance भी दिया जाएगा।

10 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
नई योजना सिर्फ डिग्री कॉलेज में पढ़ाने वाले शिक्षकों तक सीमित नहीं है। इसके दायरे में यूनिवर्सिटी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी कॉलेजों से जुड़े शिक्षक और उनके परिवार आएंगे। सरकार के मुताबिक करीब 1.28 लाख शिक्षक इससे जुड़े हैं, जबकि परिवारों को मिलाकर 10 लाख से ज्यादा लोगों को health security मिलेगी।
योगी बोले, शिक्षक छात्र को सिर्फ पढ़ाएं नहीं, सही-गलत की पहचान भी कराएं
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को सिर्फ classroom तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने कहा कि आज छात्र किताबों के साथ social media से भी बहुत कुछ सीख रहे हैं। ऐसे में शिक्षक की जिम्मेदारी है कि वह उन्हें सही information और fake news के बीच फर्क समझाएं। योगी ने कहा कि सोशल मीडिया से दूरी बनाना आज संभव नहीं है, लेकिन इसका इस्तेमाल समाज और देश के हित में होना चाहिए। फर्जी accounts के जरिए गलत सूचनाएं फैलाए जाने की बात कहते हुए उन्होंने शिक्षकों से छात्रों को digital literacy के लिए तैयार करने की अपील की।

ज्यादा views का मतलब हर बार सच नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज युवा YouTube और दूसरे digital platforms पर बड़ी मात्रा में content देखते हैं। कई बार जिस व्यक्ति के वीडियो पर ज्यादा views होते हैं, छात्र उसकी बात को ही सही मान लेते हैं। जबकि online मौजूद हर जानकारी सही हो, यह जरूरी नहीं है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि छात्रों को किसी भी जानकारी को तुरंत सच मानने के बजाय उसके source और facts को जांचने की आदत डालनी चाहिए। गलत सूचना से पैदा होने वाला भ्रम आगे चलकर समाज में तनाव की वजह बन सकता है।
योगी ने सुनाई जीवक की कहानी, कहा- गुरु सही नजर देना सिखाता है
शिक्षकों की भूमिका समझाने के लिए मुख्यमंत्री ने वैद्य जीवक का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि शिक्षा पूरी होने के बाद जीवक के गुरु ने उसे ऐसी वनस्पति खोजकर लाने को कहा, जिसमें कोई औषधीय गुण न हो। कई दिनों तक जंगल में तलाश करने के बाद भी जीवक को ऐसी कोई वनस्पति नहीं मिली। जीवक ने लौटकर गुरु को बताया कि उसे ऐसी कोई वनस्पति नहीं मिली, जिसमें औषधीय गुण न हो। योगी ने कहा कि इस प्रसंग से पता चलता है कि गुरु अपने शिष्य को सिर्फ ज्ञान नहीं देता, बल्कि चीजों को देखने और समझने की सही दृष्टि भी देता है।

हर छात्र में हुनर, शिक्षक को बस उसे पहचानना होगा
योगी ने कहा कि किसी भी छात्र को कमजोर मान लेना सही नहीं है। हर बच्चे में कोई न कोई क्षमता होती है। शिक्षक को जरूरत है कि वह छात्र से बातचीत करे, उसकी परेशानी समझे और उसकी क्षमता को पहचानकर उसे सही दिशा दे। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई के साथ बेहतर academic environment भी जरूरी है। छात्रों को भटकाव से बचाने में शिक्षक की भूमिका सबसे अहम हो सकती है। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल आदि जनप्रतिनिधि मौजूद थे।






