Uttar Pradesh

चार साल का इंतजार खत्म… राजीव कृष्ण बने UP के स्थायी DGP, एक साल से थे कार्यवाहक

मई 2022 के बाद प्रदेश को मिला पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक, लंबे प्रशासनिक और मैदानी अनुभव वाले राजीव कृष्ण 2028 तक संभाल सकते हैं जिम्मेदारी

लखनऊ, 31 मई 2026:

देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य यूपी को आखिरकार चार साल बाद स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिल गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण को प्रदेश का पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही मई 2022 के बाद पहली बार यूपी पुलिस की कमान किसी स्थायी डीजीपी के हाथों में सौंपी गई है।

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से 26 मई को भेजे गए पैनल पर मंथन के बाद राज्य सरकार ने राजीव कृष्ण के नाम पर मुहर लगाई। यूपीएससी ने 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा तथा 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी पीयूष आनंद और राजीव कृष्ण के नामों का पैनल भेजा था। इनमें राजीव कृष्ण को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था। अंततः मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद उनकी नियुक्ति तय हो गई।

राजीव कृष्ण एक जून 2025 से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे। पुलिस महकमे में उनकी पहचान एक कर्मठ, अनुभवी और परिणाम देने वाले अधिकारी के रूप में रही है। डीजीपी बनने से पहले वे डीजी इंटेलिजेंस और पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी एक साथ संभाल रहे थे।

UP Gets Permanent DGP A Change for State Police (1)

तीन दशक से अधिक लंबे सेवा काल में उन्होंने लखनऊ, आगरा, मथुरा, इटावा और नोएडा समेत कई महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस कप्तान के रूप में कार्य किया है। इटावा में तैनाती के दौरान दस्यु गिरोहों के खिलाफ उनकी कार्रवाई विशेष रूप से चर्चित रही। इसके अलावा वे लखनऊ जोन के एडीजी और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) में आईजी ऑपरेशन भी रह चुके हैं।

मूल रूप से गौतमबुद्धनगर (नोएडा) के निवासी राजीव कृष्ण का जन्म 26 जून 1969 को हुआ था। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्होंने 15 सितंबर 1991 को आईपीएस सेवा ज्वाइन की। एक जनवरी 2016 को उन्हें अपर पुलिस महानिदेशक बनाया गया और एक फरवरी 2024 को वे पुलिस महानिदेशक के सर्वोच्च रैंक पर पदोन्नत हुए।

गौरतलब है कि 11 मई 2022 को तत्कालीन डीजीपी मुकुल गोयल को पद से हटाए जाने के बाद प्रदेश में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति नहीं हो सकी थी। इस दौरान डीएस चौहान, आरके विश्वकर्मा, विजय कुमार, प्रशांत कुमार और राजीव कृष्ण कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी निभाते रहे।

अब राजीव कृष्ण की स्थायी नियुक्ति के साथ यूपी पुलिस को स्थिर नेतृत्व मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार उनका कार्यकाल कम से कम दो वर्ष का होगा और वे वर्ष 2028 तक इस पद पर बने रह सकते हैं।

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