
लखनऊ, 3 अक्टूबर 2026:
यूपी में विधान परिषद चुनाव (MLC Election) की सरगर्मी के बीच समाजवादी पार्टी ने शनिवार को बड़ा सियासी फेरबदल किया। नामांकन प्रक्रिया के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दो सीटों पर पार्टी के घोषित प्रत्याशी बदल दिए। सबसे ज्यादा चर्चा गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर है जहां भाजपा से बगावत करने वाले डॉ. संजयन त्रिपाठी को सपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है। पार्टी ने यहां पहले घोषित कमलेश यादव का टिकट बदल दिया है।
खास बात यह है कि डॉ. संजयन त्रिपाठी ने शुक्रवार को ही लखनऊ में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली थी। इसके अगले दिन उन्हें पार्टी ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया। यानी भाजपा से दूरी बनाने के बाद महज 48 घंटे के भीतर उनका सियासी ठिकाना और चुनावी भूमिका दोनों बदल गए।
संजयन त्रिपाठी करीब चार साल तक भाजपा में सक्रिय रहे। 2022 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली थी। 2023 के गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक चुनाव में वह टिकट के दावेदार थे लेकिन पार्टी ने तत्कालीन एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह को मैदान में उतारा था। इससे पहले डॉ. त्रिपाठी इसी क्षेत्र से 2010 और 2016 में चुनाव लड़ चुके हैं और दोनों बार दूसरे स्थान पर रहे थे।

इस बार वह शिक्षक सीट से भाजपा टिकट की उम्मीद लगाए हुए थे, लेकिन भाजपा ने मौजूदा एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को प्रत्याशी बना दिया। टिकट कटने के बाद डॉ. संजयन ने पार्टी से बगावत का ऐलान किया। अपनी कार से भाजपा का झंडा उतारा और भावुक होकर रो पड़े। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का भी ऐलान किया था।
सपा ने केवल गोरखपुर-फैजाबाद में ही बदलाव नहीं किया है। आगरा सीट पर भी घोषित प्रत्याशी को बदलते हुए वर्तमान एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल को मैदान में उतारा गया है। यूपी विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। ऐसे में नामांकन के बीच सपा के इन बदलावों ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।






