UP News : श्रमिकों की बढ़ी न्यूनतम मजदूरी, 238 रुपये तक का होगा मासिक फायदा, नई दरें लागू
योगी सरकार ने 74 अनुसूचित नियोजनों में परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (VDA) की दरों में किया संशोधन, अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों को मिलेगा लाभ, जानें नोएडा-गाजियाबाद समेत अन्य जिलों में कितनी हुई न्यूनतम मजदूरी
लखनऊ, 28 अक्टूबर 2026:
यूपी में श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने महंगाई के मद्देनजर 74 अनुसूचित नियोजनों में परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (VDA) की संशोधित दरें निर्धारित कर दी हैं। इसके तहत श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी में 174.25 रुपये से लेकर 238.39 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। नई दरें गत एक अक्टूबर से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी। इस फैसले से औद्योगिक इकाइयों, प्रतिष्ठानों और संबंधित क्षेत्रों में काम करने वाले अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों को फायदा मिलेगा।
श्रम विभाग की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार न्यूनतम मजदूरी में संशोधन गत जनवरी से जून तक के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत 431 अंकों के आधार पर किया गया है। सरकार का उद्देश्य महंगाई में बदलाव के अनुरूप श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का लाभ उपलब्ध कराना है।
नोएडा-गाजियाबाद में सबसे ज्यादा बढ़ी मजदूरी
गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। यहां अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 13,690 रुपये से बढ़ाकर 13,883.59 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों की 15,059 रुपये से बढ़ाकर 15,271.41 रुपये और कुशल श्रमिकों की 16,868 रुपये से बढ़ाकर 17,106.39 रुपये कर दी गई है। इन दोनों जिलों में अकुशल श्रमिकों को हर महीने 193.59 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों को 212.41 रुपये और कुशल श्रमिकों को 238.39 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
नगर निगम वाले अन्य जिलों में कितनी हुई मजदूरी?
गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद को छोड़कर नगर निगम वाले अन्य जनपदों में भी न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई गई है। यहां अकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 13,006 रुपये से बढ़ाकर 13,189.68 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों की 14,306 रुपये से बढ़ाकर 14,507.46 रुपये और कुशल श्रमिकों की 16,025 रुपये से बढ़ाकर 16,250.86 रुपये निर्धारित की गई है।
प्रदेश के शेष जनपदों में अकुशल श्रमिकों को अब 12,530.25 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों को 13,782.30 रुपये और कुशल श्रमिकों को 15,438.42 रुपये न्यूनतम मासिक मजदूरी मिलेगी। इन दरों के तहत मासिक वृद्धि क्रमशः 174.25 रुपये, 192.30 रुपये और 214.42 रुपये है।
400 अंकों के आधार स्तर से तय हुआ VDA
श्रम विभाग के मुताबिक परिवर्तनीय महंगाई भत्ते की गणना के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का आधार स्तर 400 अंक निर्धारित है। जनवरी से जून 2026 के दौरान सूचकांक का औसत 431 अंक रहने के आधार पर संशोधित भत्ते की गणना की गई है। न्यूनतम मजदूरी की दैनिक दर मासिक मजदूरी के 1/26 के अनुपात से तय होगी। वहीं, जिन कर्मचारियों को पहले से निर्धारित दरों से अधिक मजदूरी मिल रही है, उनकी मौजूदा अधिक मजदूरी जारी रखने का प्रावधान भी किया गया है।
नियोजकों को नई दरों के अनुसार करना होगा भुगतान
श्रम विभाग ने संबंधित नियोजकों, औद्योगिक इकाइयों और प्रतिष्ठानों से संशोधित दरों के अनुसार न्यूनतम मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है। भुगतान के दौरान श्रमिक की कुशलता की श्रेणी और संबंधित क्षेत्र में लागू दरों का ध्यान रखना होगा। नई दरें लागू होने से प्रदेश के संबंधित अनुसूचित नियोजनों में काम करने वाले श्रमिकों को महंगाई के अनुरूप संशोधित न्यूनतम मासिक पारिश्रमिक का लाभ मिलेगा।






