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अब प्रमुख जी भी बने प्रशासक… यूपी में पंचायत चुनाव टलने के कारण बदली व्यवस्था

पांच साल का कार्यकाल खत्म होते ही मिली नई जिम्मेदारी, इससे पहले ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों को भी सौंपी गई थी प्रशासक की कमान

लखनऊ, 19 जुलाई 2026:

यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में देरी के बीच पंचायतों की कमान संभालने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को आगे बढ़ा दिया गया है। ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों के बाद अब प्रदेश के 826 ब्लॉकों के ब्लॉक प्रमुखों को भी प्रशासक की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। रविवार को पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही पंचायती राज विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया।

प्रदेश के पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को क्षेत्र पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किया गया है। यह व्यवस्था क्षेत्र पंचायतों के सामान्य निर्वाचन के बाद गठित होने वाली नई क्षेत्र पंचायत की पहली बैठक तक या छह महीने की अवधि तक लागू रहेगी। दोनों में से जो भी पहले होगा उसी के साथ प्रशासक के रूप में उनकी जिम्मेदारी समाप्त हो जाएगी।

पिछले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद क्षेत्र पंचायतों की पहली बैठक 20 जुलाई 2021 को हुई थी। ऐसे में रविवार को ब्लॉक प्रमुखों का पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया। चुनाव में देरी के कारण विभाग ने निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को ही फिलहाल प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है।

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नीतिगत फैसलों पर रहेगी शासन की नजर

हालांकि, प्रशासक के रूप में ब्लॉक प्रमुखों के अधिकार सीमित रहेंगे। वे केवल सामान्य और रूटीन कार्यों का ही निस्तारण कर सकेंगे। किसी भी तरह का नीतिगत निर्णय अपने स्तर से नहीं ले पाएंगे। नीतिगत मामलों से जुड़े प्रस्ताव डीएम के माध्यम से शासन को भेजे जाएंगे और शासन से मंजूरी मिलने के बाद ही उन पर अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा।

इससे पहले 26 मई को ग्राम प्रधानों और 11 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें भी प्रशासक बनाया जा चुका है। इस तरह पंचायत चुनाव होने तक ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों में निवर्तमान जनप्रतिनिधियों को ही प्रशासकीय जिम्मेदारी मिल गई है।

पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी

पंचायत चुनाव को लेकर मामला हाईकोर्ट में लंबित और सुनवाई जारी है। वहीं, समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए जिलों का दौरा कर रहा है। ऐसे में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में अभी समय लगने की संभावना है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए माना जा रहा है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद ही कराए जा सकते हैं।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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