राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 19 जुलाई 2026ः
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने थानो क्षेत्र के लेखक गांव में आयोजित तीन दिवसीय यंग थिंकर्स मीट में कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। उन्होंने कहा यही ‘अमृत पीढ़ी’ वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करेगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक तकनीक के समन्वय से भारत का सशक्त नैरेटिव तैयार करें।
इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित रविवार को तीन दिवसीय 15वीं यंग थिंकर्स मीट के समापन सत्र में राज्यपाल ने कहा कि आज के दौर में युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि विचारों, सूचनाओं और नैरेटिव के स्तर पर भी लड़े जा रहे हैं। ऐसे समय में युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे शोध, तथ्यों और सत्य पर आधारित राष्ट्रीय दृष्टिकोण को मजबूत करें। ‘वार एंड नैरेटिव्स’ विषय पर उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल सूचना का उपभोक्ता नहीं, बल्कि विचारों का निर्माता और समाज का मार्गदर्शक है।

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि सच्चा चिंतक वही है, जो वर्तमान से आगे बढ़कर भविष्य की चुनौतियों और अवसरों का आकलन करे। उन्होंने युवाओं से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, मेटावर्स, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर जैसी उभरती तकनीकों में दक्षता हासिल करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि भारत को ज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यदि युवा आधुनिक विज्ञान व तकनीक के साथ इसका समन्वय करेंगे तो विकसित भारत का सपना तेजी से साकार होगा। समापन समारोह के अंत में राज्यपाल ने विभिन्न युवा विचारकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. राम माधव, शिक्षाविद और विशेषज्ञ मौजूद रहे।






